Saturday, September 19, 2026

माओवादियों के एमएमसी ज़ोन के मुखिया रामधेर मज्जी ने 11 साथियों संग किया सरेंडर

डेस्क : सीपीआई माओवादी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ के बरकट्टा थाने में सरेंडर कर दिया है. माओवादियों की महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी यानी एमएमसी ज़ोन की कमान रामधेर के ही हाथों में थी.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रामधेर मज्जी के साथ 11 अन्य माओवादियों ने भी सरेंडर किया है. सरेंडर करने वाले माओवादियों ने एके-47, इंसास, एसएलआर, 30 कार्बाइन सहित कई हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं. एक दिन पहले ही माओवादियों की एमएमसी ज़ोन के ही 10 माओवादियों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम में बालाघाट में सरेंडर किया था. इनमें एमएमसी ज़ोन के सचिव सुरेंद्र उर्फ़ कबीर सोढ़ी भी शामिल हैं.

इससे पहले पिछले पखवाड़े भी एमएमसी ज़ोन के प्रवक्ता अनंत ने अपने 10 साथियों के साथ महाराष्ट्र के गोंदिया में सरेंडर किया था. सोमवार को रामधेर मज्जी के सरेंडर के साथ माना जा रहा है कि अब माओवादियों का एमएससी ज़ोन पूरी तरह से समाप्त हो चुका है.

क्या था एमएमसी ज़ोन

अविभाजित मध्य प्रदेश में भाकपा माले पीपुल्स वार से जुड़े माओवादियों के दंडकारण्य ज़ोन में पाँच डिवीज़न थे- उत्तर बस्तर, दक्षिण बस्तर, माड़, गढ़चिरौली और बालाघाट-भंडारा, जो अपने क्षेत्रों में प्रभावशाली थे और सरकार के लिए चुनौती बने हुए थे.

15 दिसंबर 1999 को बालाघाट में मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री लिखीराम कांवरे की हत्या के बाद सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया और मध्य प्रदेश के बालाघाट और महाराष्ट्र के भंडारा, गोंदिया जैसे इलाक़ों में माओवादी कमज़ोर पड़े. माओवादियों ने छत्तीसगढ़ और बस्तर के इलाक़े में ही अपना विस्तार जारी रखा. बाद में 2016 में एक बार फिर से इन इलाक़ों में सक्रियता के लिहाज से माओवादियों ने महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ ज़ोन बनाया.

माओवादियों ने इसमें मध्य प्रदेश के मंडला और बालाघाट के कान्हा नेशनल पार्क और छत्तीसगढ़ के भोरमदेव क्षेत्र को मिलाकर केबी डिवीज़न बनाया, जबकि महाराष्ट्र के गोंदिया, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और मध्य प्रदेश के बालाघाट क्षेत्र को जीआरबी डिवीज़न में शामिल किया.

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

Big Breaking News: एक करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर...

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर