Tuesday, October 6, 2026

माओवादी नेता सोनू का आत्मसमर्पण : जंगल छोड़ मुख्यधारा की ओर लौटे

महाराष्ट्र :  महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से 14 अक्टूबर यानी मंगलवार को एक बड़ी खबर सामने आई, देश के एक पुराने और माओयादी नेताओं में से एक मल्लाजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने आत्मसमर्पण कर दिया । सोनू के साथ करीब 60 माओयादी कैडरौं ने भी हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया ।

यह नक्सलवाद के खिलाफ मुहिम की बड़ी सफलता है, सोनू पर एक करोड़ रूपये का इनाम घोषित था। उसके समर्पण से अबूझमाड़ में नक्सलियों के लिए ये आसमान टूटने जैसा  है।  यह कदम सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि सोनू लंबे समय से वांछित था, और नक्सल गतिविधियों का संचालन करता था।

गढ़चिरौल में आत्मसमर्पण

समय के याथ वे गठबंधन के रणनीति के रूप में उभरें, उन्हें नॉर्थ सब-जोनल और वेस्ट सब -जोनल ब्यूरो का नेतृत्व भी मिला। आत्मसमर्पण के समय सोनू ने अपने साथिओं के सामने जो बातें कहीं, वे माओवादी आंदोलन की दशकों पुरानी सोच को झकझोर देने वाली थी। सोनू ने साफ कहा- “हमने जो रास्ता अपनाया, वह पूरी तरह गलत था । हमने हिंसा के सहारे समाज में बदलाव लाने की कोशिश की, लेकिन इससे सिर्फ विनाश हुआ । अब मैं मानता हूं कि बंदूक से समाज नहीं बदल सकता । उन्होंने यह भी साफ किया कि संगठन लगातार गलत फैसले लेता गया, जिससे उसकी जड़े कमजोर होती चली गईं।

पहले की रिपोर्ट

पिछले हफ्ते ऐसी रिपोर्ट आई थी कि तेलांगाना के रहने वाले सोनू ने माआवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, अपने एक पत्र में उन्होंने कैडरौं से अपील की थी कि वे खुद को बचाएं और बेमानी बलिदान न दें, इसमें माओवादियों के बीच हथिहार छोड़कर मुख्यधारा में लैटने को लेकर बढ़ते मतभेद उजागार हुए थे ।

पुलिस के अनुसार , सोनु को सीपीआई के नार्थ सब जोनल और वेस्ट सब जोनल ब्यूरो का समर्थन प्राप्त हुआ है, जिन्होंने भी मुख्यधारा में शामिल होने की इचछा जताई है।

संगठन के पतन को रोक न पाने के लिए माफी

सोनू ने अपने साथिओं से कहा था कि वह मौजूदा परिस्थितियों में अब सशस्त्र संघर्ष जारी नहीं रख सकते, उन्होंने स्वीकार किया कि माओवादियों और संगठन के पतन को रोक न पाने के लिए माफी भी मांगी। सोनू ने यह भी कहा कि नेतृत्व का लगातार गलतियों ने माओवादियों को गहरे नुकसान पहुंचाए।

सोनू ने अपने अनुभव से जो बात कही, हिंसा का रास्ता गलत था, वह पूरे देश के लिए एक गहरी सीख है। अन्य माओवादी कैडरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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