एयरनाउ डेस्क : साहित्य में इस साल का नोबेल प्राइज़ हंगरी के राइटर लास्जलो क्रास्नाहोरकाई को मिला है। इसका ऐलान स्वीडन की स्वीडिश एकेडमी ने किया। उनको इस नोबेल पुरस्कार के साथ लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। उनके लेख और रचनाएं ज़्यादातर सामाजिक मुद्दों और मानव कि ज़िंदगी और उनके विसंगतियों, और आधुनिक दुनिया के संकटों पर आधारित रहता है। लास्जलो क्रास्नाहोरकाई जिस तरह से लिखते हैं, उनकी लेखनी और डीप थिंकिंग हमेशा चर्चा में रहती है। उनकी किताबों पर फिल्में भी बन चुकी हैं, और लोगों को काफी पसंद भी आई थी। उनकी किताबों का नाम था ‘सैटानटैंगो’ और ‘द मेलांकली ऑफ रेसिस्टेंस’ जिनपे फिल्में बनाई गई थी।
लास्जलो क्रास्नाहोरकाई कि विशेष कहानियों में Satantango”, “War and War” और “Seiobo There Below जैसे बेस्ट सेलर किताबें भी शामिल है। उनको इससे पहले बूकर इंटरनेशनल प्राइज़ 2015 में मिला था फिर 2019 में नैशनल अवॉर्ड फॉर ट्रांसलेटेड लिटरेचर के लिए भी मिल चुका है।
लास्जलो क्रास्नाहोरकाई के अलावा भारत के मूल के सलमान रुसदी का भी नाम था। इस प्रतियोगिता में उनका नाम भी काफी चर्चा में रहा था जीत के लिए पर इस साल उनके हाथों से ये अवॉर्ड निकल गया। इस अवॉर्ड कि खासियत ये है कि , अवॉर्ड के साथ 10 करोड़ रुपए और साथ ही ग्लोबली मान्यता भी मिलती। साहित्य में किसी भी लेखक को ये पुरुस्कार मिलना बहुत बड़ी बात होती है और किसी भी लेखक का ये सपना होता है।


