पूरी दुनिया की संस्कृतियों में व्रत को आस्था और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। भारत में इन दिनों नवरात्रि व्रत चल रहे हैं। व्रत न सिर्फ आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि शरीर को भी डिटॉक्स करता है। इससे पाचन बेहतर होता है और ओवरऑल हेल्थ में सुधार आता है।
लेकिन कई बार उपवास के दौरान लोगों को गैस, पेट फूलना, कब्ज और दस्त जैसी दिक्कतें हो जाती हैं।
व्रत में पेट क्यों खराब होता है?
न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन शिल्पी गोयल बताती हैं कि हमारा शरीर रोजमर्रा की आदतों का आदी होता है। जब अचानक लंबे समय तक खाना नहीं मिलता या एक बार में ज्यादा खा लिया जाता है, तो पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है।
लंबे समय तक भूखे रहने से एसिडिटी होती है
शाम को एक साथ भारी खाना खाने से गैस और पेट दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
व्रत में अक्सर तली-भुनी और स्टार्च वाली चीजें (जैसे साबूदाना खिचड़ी, आलू चिप्स, मिठाइयां) ज्यादा खाई जाती हैं, जो पचने में मुश्किल होती हैं।
कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन और कब्ज हो जाता है।
व्रत में होने वाली आम समस्याएं
1. पेट फूलना और भारीपन महसूस होना
2. गैस और एसिडिटी
3. कब्ज या दस्त
4. भूख न लगना
5. शरीर में थकान और कमजोरी
इन गलतियों से बचें
व्रत के दौरान छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर पेट की दिक्कतों से बचा जा सकता है—
1. हल्का और पौष्टिक खाना खाएं
तली-भुनी चीजों से बचें। इनके बजाय उबले आलू, फल, दही, सूखे मेवे और हल्की खिचड़ी लें।
2. पर्याप्त पानी पिएं
दिनभर पानी पीते रहें। नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी भी अच्छे विकल्प हैं।
3. बार-बार थोड़ी मात्रा में खाएं
एक बार में ज्यादा खाने से बचें। थोड़ी-थोड़ी देर में फल या हल्का नाश्ता करें।
4. फाइबर का ध्यान रखें
साबूदाना और आलू के साथ फल और सब्जियों को शामिल करें ताकि कब्ज न हो।
5. नींद और आराम
पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें। तनाव पाचन को और बिगाड़ सकता है।
एक्सपर्ट की सलाह
एक्सपर्ट: शिल्पी गोयल कहती हैं—
“व्रत आत्मिक शांति और शरीर को संतुलन देने का तरीका है, लेकिन इसमें लापरवाही न बरतें। सही डाइट, हाइड्रेशन और थोड़ी-सी सावधानी से उपवास न सिर्फ आसान बल्कि सेहतमंद भी हो सकता है।”
व्रत का मकसद सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि शरीर और मन को शुद्ध करना भी है। इसलिए इसे ऐसे तरीके से निभाना चाहिए, जिससे शरीर को नुकसान न हो। सही खानपान और स्वस्थ आदतों के साथ व्रत को संतुलित बनाना ही सबसे बेहतर उपाय है।


