Tuesday, September 22, 2026

करम पर्व आज: मांदर की थाप पर झूमेंगा झारखंड, अखड़ों में दिखेगी झारखंडी संस्कृति की रंग

धर्म: करमा पूजा का त्योहार प्रकृति, भाई-बहन के प्रेम और समृद्धि का पर्व आज मंगलवार को रांची में पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर शहर के अलग-अलग अखड़ों में तैयारियां पुरी कर ली गई है। कहीं फूलों और झूमरों से सजावट की गई है, तो कहीं आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं। शाम होते ही अखड़ों में मांदर और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के साथ नृत्य-संगीत का दौर भी शुरू होगा।

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करमा पर्व पर बहनें अपने भाइयों की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती है और पूरे एक दिन का निर्जल उपवास रखती है। भादो शुक्ल पक्ष की एकादशी के अवसर पर करम देव की पूजा विधि-विधान से की जाएगी। पूजा के लिया जावा अर्पित कर अपना उपवास खोलेंगी। इसके बाद नृत्य-संगीत और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करम डाली को अखड़े में लाकर स्थापित किया जाएगा। और फिर पूजा शूर होगी।

रांची के कई अखड़ों को इस बार खास अंदाज में सजाया गया है। करमटोली, हातमा, हरमू देशावली सरना स्थल, मोरहाबादी, मधुकम, पहाड़ी टोला, अरगोड़ा, पिस्का मोड़, सिरमटोली, हिंदपीढ़ी, इरगू टोली समेत कई स्थानों पर करम पर्व की तैयारी की गई है। हातमा अखड़ा में इस बार देवगाई से खोड़हादल वाद्ययंत्र के साथ पारंपरिक नृत्य होगा। वहीं आदिवासी छात्रावास में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्र-छात्राएं मिलकर करम पर्व मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

रांची में सार्वजनिक रूप से करमा पूजा की शुरुआत वर्ष 1960 में करमटोली से हुई थी। उस समय शहर में बहुत कम स्थानों पर सार्वजनिक पूजा होती थी और करमटोली उनमें से एक प्रमुख स्थान था। यहां हातमा मौजा में देवी मड़ई के पास स्थित विशाल करम पेड़ से करम डाली ली जाती है। पूजा के बाद इसे अखड़े में स्थापित किया जाता है।

हरमू सहजानंद चौक स्थित हरमू देशावली सरना स्थल पर भी करम पर्व को लेकर खास तैयारी की गई है। यहां हर साल बड़े स्तर पर आयोजन किया जाता है। इस बार आयोजन और सजावट पर करीब एक से दो लाख रुपये तक खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। इस बार भी स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और लोगों के लिए कई सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं।

करम पर्व की शाम रांची के अखड़े पारंपरिक गीत, नृत्य और मांदर की थाप से गुलजार रहेंगे। करमटोली अखड़ा में रात 9 बजे, हातमा अखड़ा में रात 8:30 बजे और हरमू देशावली में रात 9 बजे पूजा होगी। पाहनों की अगुवाई में होने वाली पूजा के बाद देर रात तक लोग पारंपरिक उत्सव में शामिल होते रहेंगे।

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एयर नाऊ स्पेशल

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