रांची: विधायक जयराम महतो द्वारा एक दारोगा के साथ व्हाट्सएप पर गाली-गलौज किए जाने का मामला अब पूरी तरह शांत पड़ता नजर आ रहा है. अब झारखंड पुलिस एसोसिएशन विधायक जयराम महतो के खिलाफ आंदोलन नहीं करने जा रही है. शुरुआती दौर में कड़ा रुख अपनाने वाला झारखंड पुलिस एसोसिएशन अब इस मामले में पूरी तरह बैकफुट पर आ गया है.
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एसोसिएशन ने विधायक के खिलाफ प्रस्तावित अपने आंदोलन को स्थगित कर दिया है, जिससे विभाग के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं. शुरुआत में एसोसिएशन ने इस घटना का कड़ा विरोध किया था और आंदोलन की चेतावनी दी थी. लेकिन समय बीतने के साथ ही संगठन का रुख पूरी तरह ठंडा पड़ गया. एसोसिएशन के इस फैसले से आम पुलिसकर्मियों में आक्रोश और निराशा है.
आंदोलन अचानक खत्म किए जाने से नाराज कई पुलिसकर्मियों ने अपने ही संगठन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिसकर्मियों के बीच यह चर्चा तेज है कि कहीं संगठन के पदाधिकारियों और विधायक जयराम महतो के समर्थकों के बीच कोई भीतरी समझौता तो नहीं हो गया है? पुलिसकर्मियों का कहना है कि आंदोलन किस आधार पर और क्यों स्थगित किया गया, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा साझा नहीं की गई है.
पुलिसकर्मियों का मानना है कि संगठन के इस ढुलमुल रवैये से कानून हाथ में लेने वाले जनप्रतिनिधियों का मनोबल बढ़ेगा. इसका ताजा उदाहरण हजारीबाग में देखने को मिला, जहां पूर्व विधायक योगेंद्र साव ने सदर सीओ के साथ गाली-गलौज की. पुलिसकर्मियों का तर्क है कि यदि झारखंड पुलिस एसोसिएशन विधायक जयराम महतो के खिलाफ मजबूती से आंदोलन करता, तो कानून का उल्लंघन करने वाले जनप्रतिनिधियों में एक कड़ा संदेश जाता. लेकिन संगठन के पीछे हटने से अब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान पर सवाल खड़े हो रहे हैं.


