रांची : रांची के चर्चित चेशायर होम रोड स्थित 1 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु कुमार अग्रवाल को एक बड़ा झटका लगा है। झारखंड हाई कोर्ट ने उनकी ओर से दायर दोनों याचिकाएँ खारिज कर दी हैं। विष्णु अग्रवाल ने हाई कोर्ट में दो याचिकाएँ दायर की थीं। ईडी कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज पिटीशन खारिज करने को चुनौती और कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप गठित किए जाने को चुनौती। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने दोनों याचिकाएँ खारिज कर दीं। अदालत ने इससे पहले दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा था। इस मामले में पीएमएलए की विशेष अदालत ने विष्णु अग्रवाल के खिलाफ पहले ही आरोप तय कर दिए थे। उनकी डिस्चार्ज पिटीशन भी इसी अदालत ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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क्या है पूरा मामला?
चेशायर होम रोड, बरियातू स्थित 1 एकड़ जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर ईडी ने ECIR 05/2023 दर्ज किया है। ईडी ने आरोप लगाया है कि इस जमीन के दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ कर जमीन को अवैध रूप से हड़पने की कोशिश की गई। 13 अप्रैल 2023 को ईडी ने रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन, बड़गाई के राजस्व कर्मचारी और अन्य आरोपियों के 18 लोगों के 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी में बड़ी संख्या में फर्जी जमीन डीड, मुहरें और कागजात बरामद किए गए। 14 अप्रैल 2023 को ईडी ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। बाद में, इस मामले में संलिप्तता मिलने पर पूर्व डीसी छवि रंजन को 4 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था।
किन-किन पर है आरोप?
ईडी ने इस मामले में निम्न लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है: विष्णु कुमार अग्रवाल, पूर्व डीसी छवि रंजन, प्रेम प्रकाश, राजेश राय, भारत प्रसाद, इम्तियाज अहमद, अफसर अली, और अन्य कुल 10 आरोपी
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हाई कोर्ट का फैसला
हाई कोर्ट द्वारा याचिकाएँ खारिज किए जाने के बाद अब विष्णु अग्रवाल को पीएमएलए कोर्ट में चल रही सुनवाई का सामना करना होगा। यह फैसला बताता है कि जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस बड़े मामले में अभियुक्तों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया मजबूती से आगे बढ़ रही है।


