रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्र आंदोलन के संदर्भ में झारखंड सरकार के द्वारा लिए गए फैसले की मंशा एवं सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों को ठगने के लिए हेमंत सोरेन ने सोची-समझी साजिश के तहत कल कैबिनेट में परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। सरकार ने कैबिनेट में बैठकर मंत्रियों के साथ मिलकर छात्रों को ठगने की पूरी प्लानिंग बनाई है।
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सीबीआई जांच से दूरी क्यों?
भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बच्चों की एक ही मांग सीबीआई जांच की रही है। आखिर सरकार इससे क्यों भाग रही है ? इससे बिल्कुल स्पष्ट है कि इस गड़बड़ी में, जेपीएससी, जेएसएससी की नौकरियों को बेचने में सरकार में बैठे लोग भी शामिल हैं। सीबीआई जांच के बिना छात्रों को पूरा न्याय नहीं मिल सकता है। इस दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राहुल गांधी सरकार में पार्टनर हैं, इसलिए वे चुप हैं। ईमानदारी से छात्रों के हित का मुद्दा इसलिए वे नहीं उठा पा रहे हैं। छात्र हित के नाम पर वे केवल दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चर्चा है कि अध्यक्ष बनने के लिए 70 करोड़ रूपया देना पड़ता है। अब हेमंत सोरेन खुद तो इतना पैसा डकारेंगे नहीं, निश्चित रूप से कुछ हिस्सा राहुल गांधी तक भी पहुंचता ही होगा।
सरकार के दोनों हाथों में लड्डू
उन्होंने कहा कि टीडीपीएल कंपनी द्वारा ली गई सारी परीक्षा एवं जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला कर हेमंत सरकार अपनी पीठ खुद थपथपा रही है। सरकार चाहती है कि उसके दोनों हाथ में लड्डू हो। एक तरफ सरकार कहेगी कि उन्होंने तो परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा कर दी। अब गलत ढंग से चयनित छात्र न्यायालय जाएंगे। न्यायालय सरकार और CID से सबूत मांगेगा।
कोर्ट में वही सीआईडी तथ्यों को प्रस्तुत करेगी, जो पिछली बार अपनी झूठी जांच रिपोर्ट से कोर्ट को दिग्भ्रमित कर चुकी है। सरकार की एजेंसी सरकार को बचाने में ही लगी है। नेपाल में, बंगाल में, झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में प्रश्न पत्रों को रटवाया गया है, आखिर बच्चे इसे कैसे साबित करेंगे। नतीजा यह होगा कि सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर न्यायालय से स्टे लग सकता है। अब जिन लोगों ने पैसा देकर नौकरियां खरीदी है, वे भी खुश हो जाएंगे और सरकार को भी कोर्ट का फैसला होने का बहाना मिल जाएगा। इस प्रकार कुल मिलाकर जो बच्चे पिछले 24 दिनों से आंदोलनरत थे, उनके हिस्से केवल धोखा के सिवाय कुछ नहीं आने वाला है।
जनता को गुमराह कर रही सरकार
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस सरकार की मंशा यहां के छात्र, युवा समझ चुके हैं। यह सरकार केवल जनता को गुमराह कर रही है। यह सरकार झारखंड की जनता को, बच्चों को दिगभ्रमित कर रही है। हम प्रारंभ से ही कह रहे हैं कि एग्जाम रद्द करना समस्या का समाधान नहीं है। समस्या का समाधान है केवल और केवल सीबीआई जांच। हेमंत सरकार में जेपीएससी, जेएसएससी के सारे एग्जाम में गड़बड़ियां हुई हैं, नौकरियों को बेचा गया है। प्रतिदिन इस संदर्भ में सनसनीखेज खुलासे भी हो रहे हैं। हमारी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि पूरे मामले की जांच सीबीआई से हो, तभी न्याय पूरा होगा।
JSSC चेयरपर्सन के ऊपर कार्रवाई कब?
नेता प्रचिपक्ष ने कहा कि आज तक जेएसएससी के चेयरपर्सन के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ये 2024 से ही पद पर हैं, इसी बीच में सारी गड़बड़ियां हुई है। इसी प्रकार सीआईडी के जिन अफसरों ने जांच की पूरी दिशा ही बदल दी, उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे बिल्कुल साफ है कि हेमंत सरकार खुद की सरकार को बचाना चाहती है, इस दौरान जॉब में जो खरीद फरोख्त हुआ है उन दलालों को, भ्रष्ट्र अफसर को भी सरकार बचाना और बच्चों को ठगना चाहती है। इसलिए इधर-उधर की बातें छोड़ राज्य सरकार को तत्काल सारे मामलों की जांच सीबीआई को सुपुर्द कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्र सजग रहें और अपनी CBI जांच की मांग पर अडिग रहें। पूरा देश देख रहा है कि झारखंड के छात्रों के साथ सरकार द्वारा किस तरह की साजिश की जा रही है। भाजपा छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। जब तक CBI जांच का आदेश नहीं होता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।


