रांची : झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी है. आंदोलनकारी छात्र आज शाम 3 बजे के बाद से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे तो वहीं 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इधर चर्चा यह है कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी आने वाले दिनों में इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए जल्द रांची आ सकते हैं.
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इससे पहले सोमवार को राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह स्टेडियम में चार से पांच हजार से अधिक छात्रों ने फ्लैश मार्च निकालकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। सोमवार को प्रेसवार्ता में छात्र प्रतिनिधि रविंद्र पासवान और पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर पूरे मामले की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि सीबीआई प्रशासनिक स्तर पर हुई गड़बड़ियों की जांच करे, जबकि ईडी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े आर्थिक लेन-देन और वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल करे।
इधर सीआईडी ने की कार्रवाई जारी है. साथ में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है. ऐसे में सरकार के पास एक बड़ी चुनौती आ खड़ी हो गयी है. पहला तो यह कि किसी तरह छात्रों का आंदोलन खत्म हो और साथ ही JPSC को लेकर एक ऐसा रास्ता निकले, जिससे सरकार इस पूरे समाधान का क्रेडिट खुद ले. मतलब सांप भी मारना और लाठी भी नहीं टूटने देना है.
आंदोलनरत छात्रों से बात करने के लिए सरकार की तरफ से एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है. यह कमेटी आंदोलन कर रहे छात्रों से बात करेगी और उनका भरोसा जीतने का काम करेगी. कमेटी में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य सोनू के होने की बात कही जा रही है. चूंकि अधिसूचना मंत्रीमंडल सचिवालय या फिर गृह विभाग से निकल सकता है, ऐसे में सीनियर IAS वंदना डाडेल का कमेटी में रहना तय माना जा रहा है. चार अगस्त को नेमरा में होने वाले कार्यक्रम के बाद अधिसूचना जारी की जा सकती है. JMM की तरफ से दो और एक कांग्रेस की तरफ से मंत्री इस कमेटी में शामिल हो सकते हैं.
इस पूरे प्रकरण में सरकार पर कई तरह के दबाव हैं. पहला तो आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ किसी तरह की पुलिसिया ज्यादती न हो. दूसरा छात्र सरकार की बातों को मान लें और तीसरा सबसे बड़ा दबाव यह कि इस पूरे प्रकरण का क्रेडिट विपक्ष की किसी राजनीतिक पार्टी को न मिले. ऐसे में सरकार बड़ी ही सावधानी से कदम उठा रही है.
जेपीएससी को लेकर जेएलकेएम भी आंदोलन कर रहा है. पार्टी के सीनियर नेता देवेंद्रनाथ महतो भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं. आज उनका तीसरा दिन बतौर भूख हड़ताल के है. पार्टी की तरफ से यह भी ऐलान किया गया है, कि पार्टी छह अगस्त को विधानसभा परिसर का घेराव करेगी. जेएलकेएस के इस कार्यक्रम और प्रदर्शन से छात्रों ने अपनी दूरी बना ली है.
छात्रों का नेतृत्व करने वाले लोगों का कहना है कि छात्र 10 तारीख यानी सोमवार को विधानसभा का घेराव करेंगे. इस बीच सरकार के पास छात्रों को मनाने के लिए 6 दिन शेष रहते हैं. लेकिन सरकार 6 तारीख के JKLM के विधानसभा घेराव के प्रदर्शन के बाद ही छात्रों से संपर्क करेगी या ऑफिशियली बात करेगी. क्योंकि मौजूदा सरकार कभी नहीं चाहेगी कि JKLM को पूरे प्रकरण का थोड़ा भी क्रेडिट मिले. अब यहां देखने वाली बात होगी कि सरकार किस रणनीति पर काम करती है, जिससे समस्या का समाधान भी हो जाए और पूरी क्रेडिट हेमंत सरकार को मिले.


