Saturday, June 13, 2026

सरकार का बड़ा आदेश, 90 दिनों तक नहीं खरीद पाएंगे पेट्रोल और डीजल, जानें क्यों

न्यूज डेस्क: पीएम मोदी ने आज यानी शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल को लेकर 90 दिनों को लेकर आदेश जारी किया है. उन्होंने देश के सभी पेट्रोल पंप से भारी मात्रा में इंडस्ट्रियल पेट्रोल और डीजल खरीदने पर रोक लगा दी है. उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को लेकर यह फैसला लिया है. सरकार ने खासकर डीजल को लेकर रोक लगाई है क्योंकि उसकी डिमांड पहले की अपेक्षा ज्यादा हो गई थी.

90 दिनों तक लागू रहेगा नियम

सरकारी आदेश के अनुसार, इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल यूजर्स को पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल खरीदने से रोक दिया गया है. इसके बजाय उनसे अपनी जरूरत का सामान बल्क सेल पॉइंट से खरीदने को कहा है. यह रोक लगभग 90 दिनों तक लागू रहेगा. कुछ इलाकों में डीजल की डिमांड बहुत तेजी बढ़ रही थी जिसे लेकर इसमें रोक लगाई गई हैं, क्योंकि कीमतों में अंतर के कारण बल्क यूजर्स ने पेट्रोल पंप से फ्यूल खरीदना शुरू कर दिया था. दिल्ली में पेट्रोल पंप पर डीजल की कीमत Rs 95.20 प्रति लीटर है, जबकि बल्क में इसकी कीमत 134.50 रुपये प्रति लीटर है.

रिटेल पंप रेट लागत से बहुत कम

सरकारी तेल कंपनियों ने फरवरी के आखिर में पश्चिम एशिया संकट के बाद लागत में हुई बढ़ोतरी से आम यूजर्स को बचाने के लिए रिटेल कीमतों में बदलाव किया था. जबकि टेलीकॉम टावर, बिजली बनाने और दूसरी फीडस्टॉक जरूरतों के लिए डीजल इस्तेमाल करने वाली इंडस्ट्रीज जैसे बल्क यूजर्स से मार्केट प्राइस लिया जाता है, जिसमें रिटेल पंप रेट लागत से बहुत कम हैं.

बल्क खरीदारी पर लगा रोक

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने 11 जून को मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल ऑर्डर, 2026 से जारी किया गया, जिसमें फ्यूल रिटेलर्स और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को एक बार में 90 दिनों तक के लिए रिटेल आउटलेट्स से बल्क खरीदारी पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया. सरकार ने कहा कि यह कदम ‘दुनिया के कुछ इलाकों पर असर डाल रही मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति की वजह से जरूरी हो गया है, जिसका इंटरनेशनल पेट्रोलियम सप्लाई चेन, शिपिंग लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की उपलब्धता पर बुरा असर पड़ा है.

उपायों का मकसद

नोटिफिकेशन में रिटेल आउटलेट्स पर डीजल की बिक्री को गाड़ी के फ्यूल टैंक या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइज़ेशन (PESO) से मंजूर कंटेनर तक सीमित किया गया है, जिसमें हर कस्टमर या गाड़ी के लिए हर दिन 200 लीटर की खरीद पर लिमिट तय की गई है. ऑर्डर में कहा गया है कि ऐसे डीजल को ‘दोबारा नहीं बेचा जा सकता’. नए सरकारी आदेश के जरिए सरकार ने कहा कि इन उपायों का मकसद पेट्रोल और डीजल की ‘बराबर उपलब्धता’ पक्का करना, जमाखोरी और दूसरी जगह इस्तेमाल को रोकना, और पूरे देश में बिना रुकावट सप्लाई बनाए रखना है.

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