हजारीबाग: हजारीबाग जिले के बड़कागांंव थाना क्षेत्र में एनटीपीसी पकरी बरवाडीह कोल माइंस से जुड़े ट्रांसपोर्टिंग हाईवा में आगजनी मामले का पुलिस ने तेजी से खुलासा कर दिया है। दरअसल, 22 अप्रैल को बड़कागांव-हजारीबाग मार्ग स्थित 13 माइल के पास हुई इस घटना के बाद पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाकर कार्रवाई शुरू की और महज 12 घंटे के भीतर चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधियों के पास से तीन पिस्टल, 11 जिंदा गोलियां, चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और नौ हस्तलिखित पर्चे बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अपराधी इलाके में दहशत फैलाने और कोयला ट्रांसपोर्टींग कार्य को प्रभावित करने की योजना बना रहे थो।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ने किया खुलासा
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने देर रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाईवा में आग लगाने की घटना के बाद अपराधियों ने पर्चे छोड़कर इसकी जिम्मेदारी भी ली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। एसपी ने बताया कि बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी शाखा की मदद से लगातार छापेमारी अभियान चलाया और संदिग्धों की पहचान की।
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हथिया पत्थर इलाके से हुई गिरफ्तारी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चंदौल गांव के हथिया पत्थर इलाके में कुछ अपराधी इकट्ठा होकर बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही अपराधी भागने लगे, लेकिन जवानों ने चार लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद एजाज (21 वर्ष), मोहम्मद आफताब (22 वर्ष), सलामत अंसारी (24 वर्ष) और तुषार सिन्हा (22 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी आरोपी बड़कागांव थाना क्षेत्र के पुंदौल (चंदौल) गांव के रहने वाले हैं।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 22 अप्रैल को हाईवा में आग लगाकर इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश की थी। इस घटना के दौरान एक अपराधी आंशिक रूप से घायल भी हुआ था। पुलिस के अनुसार, यह पूरी साजिश कुख्यात राहुल दुबे गैंग के निर्देश पर रची गई थी। आरोपियों ने यह भी बताया कि 23 अप्रैल को भी कई अन्य हाईवा वाहनों में आग लगाने की तैयारी की जा रही थी।
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पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहे आरोपी
एसपी अमन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद एजाज और सलामत अंसारी पहले से राहुल दुबे गैंग के लिए काम कर चुके हैं। दोनों आरोपी उरीमारी क्षेत्र में वाहन जलाने की घटनाओं में पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मोहम्मद एजाज के खिलाफ बड़कागांव थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं सलामत अंसारी पर बड़कागांव, उरीमारी और टंडवा थाना में भी कई मामले दर्ज हैं। इस पूरे अभियान में एसडीपीओ अमित आनंद, एसडीपीओ पवन कुमार, बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह, एसआई राकेश खवास, अभिषेक कुमार और तकनीकी शाखा की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय अपराधी गिरोहों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।


