Friday, October 30, 2026

Fake Chrome App: 1 लाख डाउनलोड के बाद सामने आया Chrome का फर्जीवाड़ा, फोन में ऐप है तो तुरंत करें चेक

Tech Desk: Google Play Store को एंड्रॉयड फोन में ऐप डाउनलोड करने की सुरक्षित जगह माना जाता है. लेकिन हाल ही में सामने आए एक मामले ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, Play Store पर Google Chrome जैसा दिखने वाला एक Fake Chrome App मिला, जो असली Chrome ऐप से पहले सर्च रिजल्ट में दिखाई दे रहा था. इस ऐप को स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग के जरिए प्रमोट किया जा रहा था.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस फर्जी ऐप के डाउनलोड की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो चुकी थी. सबसे हैरानी की बात यह थी कि लोग इसे Google Chrome समझकर डाउनलोड कर सकते थे, लेकिन ऐप खोलने पर उन्हें वेब ब्राउजर की जगह कुछ और ही देखने को मिलता था. यह मामला 14 अक्टूबर 2026 को सामने आया. इसके बाद Fake Chrome App को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि आखिर एक मशहूर ऐप की नकल करने वाला ऐप Google Play Store तक कैसे पहुंच गया.

इसे भी पढ़े: IRCTC Food Order: ट्रेन में ₹50 सस्ता खाना पड़ सकता है भारी, ऑर्डर करने से पहले जान लें ये बातें

Fake Chrome App: कैसे बना लोगों के लिए परेशानी

Reddit पर शेयर की गई एक पोस्ट के मुताबिक, इस फर्जी ऐप को Hizbartech नाम के डेवलपर ने Play Store पर लिस्ट किया था. इसका नाम और लोगो Google Chrome से काफी मिलता-जुलता था. यही वजह थी कि पहली नजर में किसी यूजर के लिए दोनों ऐप में अंतर करना मुश्किल हो सकता था. रिपोर्ट में बताया गया कि यह ऐप सर्च रिजल्ट में Sponsored यानी विज्ञापन वाली लिस्टिंग के रूप में असली Chrome से ऊपर दिखाई दे रहा था.

ऐसे में जो लोग जल्दी में ऐप डाउनलोड करते हैं, वे बिना डेवलपर का नाम देखे गलत ऐप इंस्टॉल कर सकते हैं. हालांकि, केवल Sponsored लिखा होने का मतलब यह नहीं है कि कोई ऐप फर्जी है. इस मामले में चिंता की वजह यह थी कि एक संदिग्ध ऐप को असली Chrome जैसा दिखाकर प्रमोट किया जा रहा था.

Fake Chrome App पहले गेम था

रिपोर्ट के अनुसार, इस ऐप की कहानी अगस्त 2026 में शुरू हुई थी. उस समय इसे Ball Bounce नाम के गेम के तौर पर लिस्ट किया गया था. बाद में 30 सितंबर को इसका नाम और लोगो बदलकर Google Chrome जैसा कर दिया गया. इस बदलाव के बाद ऐप को देखकर ऐसा लग सकता था कि यह Google का आधिकारिक ब्राउजर है. लेकिन जिन यूजर्स ने इसे इंस्टॉल करके देखा, उनके मुताबिक इसमें न तो सही तरीके से वेब ब्राउजिंग की सुविधा थी और न ही यह असली Chrome की तरह काम करता था. इसके बजाय, ऐप खोलने पर AI अवतारों वाला चैट जैसा इंटरफेस दिखाई देता था.

साथ ही, यूजर्स को कई विज्ञापन भी देखने को मिलते थे. इस Fake Chrome App के मामले में अभी तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि इसने यूजर्स के पासवर्ड चुराए या फोन में मालवेयर इंस्टॉल किया. इसलिए इसे लेकर सामने आई जानकारी और साबित हो चुके नुकसान के बीच अंतर समझना जरूरी है. रिपोर्ट सामने आने तक यह ऐप Google Play Store पर दिखाई नहीं दे रहा था. हालांकि, अगर किसी ने इसे पहले ही डाउनलोड कर लिया था, तो उसे अपने फोन में इंस्टॉल किए गए ऐप की जांच करनी चाहिए.

Fake Chrome App से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

इस घटना से एक बात साफ होती है कि केवल ऐप का नाम, लोगो या डाउनलोड की संख्या देखकर उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए. Fake Chrome App जैसे मामलों में छोटी सी गलती भी आपको गलत ऐप डाउनलोड करने तक पहुंचा सकती है. ऐसे ऐप से बचने के लिए सबसे पहले डेवलपर का नाम देखें. असली Google Chrome ऐप का डेवलपर Google LLC है. अगर Chrome के नाम से कोई ऐप किसी दूसरे डेवलपर के नाम पर दिखाई दे, तो उसे डाउनलोड करने से पहले अच्छी तरह जांच करें. दूसरी बात, ऐप के डाउनलोड और रिव्यू जरूर देखें, लेकिन इन्हें असली होने का पक्का सबूत न मानें.

Fake Chrome App इस मामले में फर्जी ऐप के 1 लाख से ज्यादा डाउनलोड बताए गए थे. इसलिए ज्यादा डाउनलोड होने का मतलब यह नहीं है कि ऐप भरोसेमंद ही होगा. अगर आपको लगता है कि आपने Fake Chrome App डाउनलोड कर लिया है, तो फोन की सेटिंग में जाकर इंस्टॉल किए गए ऐप की जानकारी जांचें. संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल करें और Google Play Protect से फोन की जांच करवाएं. Google के अनुसार, Play Protect ऐप को इंस्टॉल करते समय उसकी जांच करता है और समय-समय पर फोन में मौजूद ऐप को भी स्कैन कर सकता है.

इसे चालू रखने से संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाले ऐप के बारे में चेतावनी मिल सकती है. आप Google की आधिकारिक गाइड में Play Protect की जांच और उसे चालू रखने का तरीका भी देख सकते हैं. अगर Play Store पर कोई ऐसा ऐप मिले जो किसी मशहूर ऐप की नकल करता हो, तो उसकी रिपोर्ट भी करें. इससे Google को संदिग्ध ऐप की समीक्षा करने में मदद मिल सकती है.

एक बात हमेशा याद रखें. Google Play Store से ऐप डाउनलोड करना बेहतर विकल्प है, लेकिन वहां मौजूद हर ऐप को बिना जांचे सुरक्षित मान लेना सही नहीं है. ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके डेवलपर का नाम देखना और फोन की सुरक्षा जांच चालू रखना आपकी सुरक्षा के लिए एक अच्छा कदम है.

एयर नाऊ स्पेशल

Radhakrishna Kishore Podcast: राजनीति में आने की वजह से...

Radhakrishna Kishore Podcast: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर अपने बेबाक अंदाज और साफगोई के लिए जाने जाते हैं। एयरनाऊ के खास पॉडकास्ट...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe

ट्रेंडिंग ख़बर