पंजाब में विभिन्न रियल एस्टेट कंपनियों पर ईडी की छापेमारी, जांच के दायरे में पंजाब के एक मंत्री भी शामिल

चंडीगढ़: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पंजाब और चंडीगढ़ में बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई भूमि उपयोग परिवर्तन में कथित धोखाधड़ी और निवेशकों से ठगी के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई। ईडी ने मोहाली, चंडीगढ़ और पटियाला में रियल एस्टेट समूहों और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर तलाशी ली।

ईडी की कार्रवाई सनटेक सिटी परियोजना, इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी (ICHBS), इसके प्रमोटर अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप, अल्टस स्पेस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और उनके सहयोगियों से जुड़े करीब 12 ठिकानों पर की गई। एजेंसी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की।

जांच में सामने आया पंजाब के मंत्री का नाम

मामले की जांच में पंजाब सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अमन अरोड़ा का नाम भी सामने आया है। ईडी का दावा है कि जांच के घेरे में आए धीर कंस्ट्रक्शंस के मालिक गौरव धीर, मंत्री के करीबी सहयोगी हैं। हालांकि अमन अरोड़ा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को डराने और दबाव बनाने के लिए कर रही है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के यहां छापेमारी हुई है, वे मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी हैं। हालांकि मुख्यमंत्री ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ईडी की इस कार्रवाई का आम आदमी पार्टी से कोई संबंध नहीं है।

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छापेमारी में बरामद हुई नकदी

ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान करीब एक करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। छापेमारी के दौरान मोहाली के एक आलीशान अपार्टमेंट में नाटकीय स्थिति भी देखने को मिली। आरोप है कि कुछ लोगों ने ईडी टीम से बचने के लिए नौवीं मंजिल की खिड़की से नकदी से भरे बैग नीचे फेंक दिए।

एजेंसी के अनुसार, खरार स्थित वेस्टर्न टावर्स में खिड़की से दो बैगों में रखे करीब 21 लाख रुपये नीचे फेंके गए। बाद में ईडी टीम ने जमीन पर बिखरे 500 रुपये के नोट बरामद किए। यह घटना तब हुई जब एजेंसी ने कथित बिचौलियों नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह ढिंडा के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी।

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2022 की एफआईआर से जुड़ा है मामला

ईडी के मुताबिक यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला नवंबर 2022 में पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मामला मोहाली के मुल्लनपुर इलाके में विकसित की जा रही सनटेक सिटी परियोजना से संबंधित है। आरोप है कि अजय सहगल और सुरेश कुमार बजाज ने 15 भूस्वामियों की 30.5 एकड़ जमीन के लिए फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से भूमि उपयोग परिवर्तन यानी सीएलयू की मंजूरी ली गई।

ईडी का कहना है कि सहमति पत्रों में भूस्वामियों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, परियोजना के प्रमोटरों और आईसीएचबीएस ने बिना वैध बिक्री विलेख के लोगों को सोसाइटी का सदस्य बनाकर 150 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई।

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