Tuesday, April 21, 2026

झारखंड प्रशासनिक सेवा के 3 अधिकारियों के खिलाफ चलेगी विभागीय कार्यवाही, पद के दुरूपयोग का आरोप

रांची : झारखंड प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों के खिलाफ अपने पद के दुरूपयोग का आरोप में विभागीय कार्यवाही चलेगी. कार्मिक विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. धनबाद, चतरा और गोड्डा में पदस्थापित रहे इन अधिकारियों के खिलाफ संबंधित जिलों के उपायुक्तों की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट और आरोप पत्र के आधार पर विभागीय कार्यवाही होगी.

जिन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की अनुमति दी गई है, उसमें धनबाद नगर निगम के तत्कालीन उप नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, टंडवा (चतरा) के तत्कालीन अंचल अधिकारी लियाकत अली और नगर पंचायत महागामा (गोड्डा) के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा शामिल हैं.

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2.65 करोड़ का भुगतान

विभागीय जानकारी के अनुसार धनबाद नगर निगम के तत्कालीन उप नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप हैं. उन्होंने मेंसर्स व्योम टेक्नोलॉजी लिमिटेड द्वारा आपूर्ति की गई सामग्रियों की गुणवत्ता और मात्रा का भौतिक सत्यापन किए बिना ही जल्दबाजी में भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी. इसके कारण सरकारी खजाने को 2.65 करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ. इसे सरकारी राशि का दुरुपयोग मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की है.

जमीन घोटाला और अवैध जमाबंदी का मामला

टंडवा (चतरा) के तत्कालीन अंचल अधिकारी लियाकत अली पर भू-माफियाओं और निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप है. उपायुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, लियाकत अली ने अभिजीत इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पक्ष में गलत तरीके से जमाबंदी की. इसके अलावा, उन पर बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि की अवैध जमाबंदी करने के कुल 5 गंभीर आरोप प्रतिवेदित हैं. भूमि जैसे संवेदनशील मामले में भ्रष्टाचार पाए जाने पर सरकार ने उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.

सरकारी संसाधनों का निजी उपयोग और गबन

नगर पंचायत महागामा (गोड्डा) के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा पर पद की गरिमा के विरुद्ध कार्य करने के आरोप हैं. बिना अनुमति के नगर पंचायत की जेसीबी मशीन को ग्रामीण क्षेत्रों में निजी उद्देश्यों के लिए चलवाने का आरोप है. साथ ही मशीन का लॉगबुक संधारित नहीं करना और उससे प्राप्त भाड़े की वसूली में भारी हेराफेरी करने ता भी आरोप है. वसूली गई राशि को सरकारी खाते में जमा न करना और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का भी आरोप लगा है.

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