न्यूज डेस्क: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज़ कसते हुए कहा कि उन्हें तो भारत रत्न मिलना चाहिए और आने वाले समय में उन्हें भारत का राष्ट्रपति बना देना चाहिए. हाल ही में ‘इंडियन एक्सप्रेस’ अख़बार की एक खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी की असहमति के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने कई फ़ैसलों को अमल में ला दिया.
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चुनाव आयोग पर उठे सवाल
जब उनसे चुनाव आयोग के कामकाज पर उठ रहे सवालों के बारे में पूछा गया तो उमर अब्दुल्लाह ने पहले कहा, ”इलेक्शन कमीशन को थोड़ी अपनी आत्मा टटोलनी चाहिए. यूं ही नहीं सारी विपक्षी पार्टियां उसके ख़िलाफ़ हैं. सबूत किसी पॉलिटिकल पार्टी ने सामने नहीं रखे. सबूत एक अख़बार की इन्वेस्टिगेशन के ज़रिए सामने आया है. बजाय इसके कि इसको छिपाने की कोशिश हो, मुझे लगता है कि चुनाव आयोग को अपने कामकाज में सुधार लाना चाहिए. कोशिश करनी चाहिए कि इस तरह की हरकतें न हों.”
प बंगाल बीजेपी अध्यक्ष पर कटाक्ष
जब उनसे पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रमुख समिक भट्टाचार्य के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘पद्म भूषण’ दिए जाने की मांग की थी, तो उमर अब्दुल्लाह ने कहा, ”पद्म भूषण पर ही क्यों रुकें. आप उनको भारत रत्न दे दो. इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति बना दो. उन्होंने इतना कुछ बीजेपी के लिए किया है. पश्चिम बंगाल दिया है तोहफ़े में.”


