रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा, “जो माध्यम हमने बना रखा है, सरकार बातचीत करने को भी तैयार है। सरकार छात्रों की समस्या जानने की इच्छा रखती है।
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पूरे राज्य से लेंगे छात्रों की राय
हेमंत सोरेन ने संकेत दिया कि सरकार केवल जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना दे रहे छात्रों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे राज्य के छात्र-छात्राओं की राय भी लेगी। उन्होंने कहा, जो छात्रों की इच्छा है, उस इच्छा को हम जयपाल सिंह स्टेडियम से बाहर तक ले जाएंगे। पूरे राज्य में जो छात्र-छात्राएं इस विषय पर अपने विचार रखते हैं, वे अपनी राय दे सकते हैं।
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार छात्रों के सुझावों के आधार पर भर्ती व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार (रिफॉर्म) की दिशा में कदम बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा मजबूत और बड़ा सुधार करना है, जो छात्रों की जिज्ञासाओं, अपेक्षाओं और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो। मुख्यमंत्री के इस बयान को छात्र आंदोलन के बीच संवाद और संभावित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार ने संवाद का माध्यम बना रखा है और बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। हम छात्रों की समस्याओं को समझना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह स्टेडियम से उठ रही छात्रों की आवाज अब पूरे झारखंड तक पहुंचेगी। राज्यभर के छात्र-छात्राएं अपने सुझाव और विचार सरकार तक पहुंचा सकेंगे, ताकि भर्ती और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और छात्रों की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जा सके।


