रांची : JSSC-CGL परीक्षा 2023 में धांधली और पेपर लीक मामले में आरोपी और परीक्षा में सफल घोषित हुए दीपक कुमार (सहायक अनुभाग अधिकारी/ASO) के ख़िलाफ़ CID जांच में कई गंभीर और ठोस साक्ष्य सामने आए हैं. अदालत में दायर केस डायरी और जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी दीपक कुमार अपने साले और सह-आरोपी उमेश कुमार राय के बोकारो स्थित दुग्धा के BCCL क्वार्टर में मौजूद था. आरोप है कि परीक्षा से ठीक पहले वहां कई अभ्यर्थियों को इकट्ठा किया गया था जहां सह-आरोपी रितेश सिंह उर्फ मुन्ना और मिथिलेश सिंह उर्फ आर.के. सिंह द्वारा उपलब्ध कराए गए लीक प्रश्न-उत्तर अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे.
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दीपक कुमार के मोबाइल नंबर 8271100100 के CDR और लोकेशन एनालिसिस से यह पुष्टि हुई कि परीक्षा के दौरान वह धनबाद और परीक्षा के आयोजित नेटवर्क के आसपास के क्षेत्र में मौजूद था. CID की जांच में यह पाया गया है कि साज़िश और व्यवस्था के सिलसिले में अभ्यर्थियों को लाने-ले जाने के लिए वाहन संख्या JH-10CF-6354 और JH-10CM-7175 का इस्तेमाल किया गया था जिसमें दीपक की संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं. दीपक कुमार के चयन के बाद संदिग्ध पैसों का लेन-देन हुआ है.
जांच के मुताबिक 22 जनवरी 2026 को दीपक के ससुर सुरेश राय के खाते में 14 लाख रुपये और सह-आरोपी उमेश राय के खाते में 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. CID इसे परीक्षा सेटिंग के एवज में किए गए वित्तीय लेन-देन के रूप में देख रही है. मोबाइल फोन एनालिसिस से यह भी सामने आया है कि परीक्षा से पहले और बाद में दीपक कुमार सह-आरोपी बिजय तिवारी, उमेश राय और अन्य अभ्यर्थियों के साथ लगातार संपर्क में था.


