रांची : जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले की जांच कर रही जांच एजेंसी सीआईडी ने शुक्रवार को 8 घंटे से भी अधिक समय तक मुख्यालय में जेपीएससी के पूर्व चेय़रमैन एल. ख्यांगते से पूछताछ की. यह तीसरा मौका था जब सीआईडी ने पूर्व चेयरमैन को पूछताछ के लिए तलब किया था। इससे पहले मंगलवार 28 जुलाई और बुधवार 29 जुलाई को पूछताछ हुई थी. शुक्रवार को हुई पूछताछ के बाद सीआईडी ने एक बार फिर से सोमवार 3 अगस्त को पूछताछ के लिए समन जारी करते हुए उन्हें तलब किया है.
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बताया जा रहा है कि सीआईडी को जांच में अब जेपीएससी सदस्यों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। सदस्यों के विरुद्ध मिली जानकारियों का सीआईडी सत्यापन कर रही है। सत्यापन के क्रम में अगर उनसे पूछताछ की आवश्यकता महसूस होगी तो सीआईडी सदस्यों को भी समन कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। वहीं पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते से हुई पूछताछ के दौरान पहले से रिमांड पर लिए गए सभी आठों आरोपितों को एक-एक कर सीआईडी ने आमने-सामने बैठाया और क्रास पूछताछ की।
कहा जा रहा है कि जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 के दौरान अनियमितता कैसे हुई, ओएमआर शीट में हेराफेरी कैसे हुई, पूरा घोटाला कैसे हुआ और घोटाले की राशि का वितरण किस तरह से हुआ सहित कई अहम बिंदुओं पर सीआईडी को पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं हैं। उपलब्ध दस्तावेज व पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर सीआईडी अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। जेपीएससी परीक्षा के अभ्यर्थियों से वसूली गई अवैध राशि के वितरण के पूरे नेटवर्क की भी सीआईडी जानकारी जुटा रही है। इससे संबंधित साक्ष्य भी सीआईडी को मिले हैं।
रिमांड खत्म, भेजे गए जेल
सीआइडी ने रिमांड पर सात दिनों तक पूछताछ के बाद पांच आरोपितों को शुक्रवार को सीआइडी की रांची स्थित विशेष अदालत में प्रस्तुत किया। अदालत के आदेश पर सभी पांचों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है।
सीआईडी ने सात दिनों तक रिमांड पर जिनसे पूछताछ की है, उनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, दोनों तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद शामिल थे।
सात दिनों की पूछताछ में आरोपितों ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में अनियमितता, ओएमआर शीट में हेराफेरी के विभिन्न बिंदुओं पर बड़ी जानकारी दी है। सीआइडी ने अब भी परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के तीन आरोपित कर्मी हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार को रिमांड पर पूछताछ जारी रखा है।
अभ्यर्थी से मांगी ओएमआर शीट की कॉपी
इससे पहले बीते 29 जुलाई को सीआईडी ने पीटी परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से अपील की थी कि वह अपनी ओएमआर सीट की कार्बन कॉपी भेंजें. इस अपील के बाद कहा जा रहा है कि सीआईडी की ओर से उपलब्ध कराए गए व्हाट्सऐप नंबर और ईमेल आईडी के जरिए 30 जुलाई से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी ओएमआर शीट की कॉर्बन कॉपी सीआईडी को फोटो या पीडीएफ के रूप में भेज रहे हैं. हालांकि आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं है कि अभी तक कितने अभ्यर्थियों ने सीआईडी को यह भेजी है.


