पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ के सामने आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में 58 राजमार्ग गश्ती वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुगम, सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को कम करना है। यह पहल भारत सरकार के Vision-2030 के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को 50 प्रतिशत तक कम करने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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राजमार्ग गश्ती योजना के प्रथम चरण में विभिन्न अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 61 राजमार्ग गश्ती वाहनों की प्रतिनियुक्ति राज्य के सर्वाधिक दुर्घटना वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के करीब 3,000 किलोमीटर क्षेत्र में की गई है। इन वाहनों को प्रत्येक 50 किलोमीटर पर तैनात किया गया है।
राजमार्ग गश्ती वाहनों को डायल-112 से भी इंटीग्रेट किया गया है। दुर्घटना की स्थिति में ये वाहन First Responder के रूप में कार्य करेंगे तथा दुर्घटना पीड़ितों को ‘गोल्डेन आवर’ के दौरान तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।


