Tuesday, October 6, 2026

विधान सभा चुनाव : क्या कुशवाहा अपनी सीट से नाराज ?

विधान सभा चुनाव : एनडीए की सीट शेरिंग को लेकर अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी और jdu को 101 सीट, लोजपा(र) को 29 सीट, ham और rlm को 6 सीटें मिली। लेकिन ऐसा लग रहा है उपेंद्र कुशवाहा सहमति जता के भी सहमति नहीं दिखा रहे। बीते दिनों वो अपने X पर अलग अलग अंदाज में पोस्ट करते हुए नजर आ रहे है। बता दें, कुशवाहा ने अपने X हैन्डल पर पोस्ट करके एक कविता बयां की जिसमे उन्होंने लिखा आज बादलों ने फिर साजिश की, जहा मेरा घर था वही बारिश की, अगर फलक को जिद है बिजलियाँ गिराने की, तो हमें भी जिद है वही पर आशियां बसाने की। ये ट्वीट के बाद बहुत सारी बातें अनुमान लगाई जा सकती है। पहले तो वो सीमित सीट पाकर खुश नहीं है। दूसरी जो कुशवाहा को सीट दी जाने वाली है वो उनको मन मुताबिक नहीं होगी। चुकी एनडीए ने अभी सिर्फ सीट शेयररिंग  की घोषणा की है, लिस्ट जारी करनी बाकी है। मगर सूत्रों की माने तो कुशवाहा पूरे मन से सीमित सीट को स्वीकार नहीं किया है।

दो चुनावों के आधार पर सीट

भले ही बीते दो चुनावों के मुकाबले पार्टी इस बार सीमित सीटों पर मैदान में उतरने जा रही है, परंतु उपेंद्र कुशवाहा संतुष्ट हैं। एनडीए में समझौते के तहत कुशवाहा की पार्टी की छह सीटें दी गई हैं। कुशवाहा के बीते दो प्रदर्शनों के आधार पर उन्हें यह सीटें मिली हैं। राज्यसभा सदस्य व राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एनडीए से जिन सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है वे संभावित सीटें दिनारा, उजियारपुर, सासाराम, बाजपट्टी, मधुबनी और ओबरा हो सकती हैं। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुशवाहा की पार्टी को मिली सीटों के लिए जिन नामों की चर्चा है उनमें मधुबनी से माधव आनंद, दिनारा से आलोक कुमार सिंह (मंत्री संतोष सिंह) के भाई हैं। बाजपट्टी से रामेश्वर महतो, उजियारपुर से प्रशांत पंकज जबकि सासाराम सीट से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता की उम्मीदवारी की बात सामने आ रही है। ओबरा सीट से पार्टी प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा के चुनाव लड़ने की चर्चा है।

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कुशवाहा का चुनावी सफर

उपेंद्र कुशवाहा 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए का हिस्सा थे। तब नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जदयू महागठबंधन में शामिल थी। लिहाजा एनडीए की ओर से कुशवाहा को 23 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला। लेकिन, कुशवाहा की पार्टी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा और उनके मात्र दो प्रत्याशी ही जीते। लेकिन इसके पांच वर्ष बाद 2020 में हुए चुनाव में कुशवाहा एनडीए से अलग थे। उन्होंने मोर्चा बनाकर मैदान मारने की कोशिश तो अवश्य की परंतु उनकी पार्टी खाता तक नहीं खोल सकी। बहरहाल 2025 के चुनाव में कुशवाहा छह सीटों पर संतुष्ट हैं और सीमित दांव के जरिये बिहार में अपने को मजबूत करने में जुट गए हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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