धनबाद : बीबीएमकेयू धनबाद की तीसरी सीनेट की बैठक आयोजित की गई थी। लेकिन लगभग चार घंटे तक चली इस बैठक में सभी एजेंडों पर चर्चा नहीं होने से बैठक फिर एक बार अधूरी रह गई, अब सीनेट की अगली बैठक 30 नवंबर को होगी। इस अगली बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर भी चर्चा होगी। खास बात यह रही कि बैठक में सीनेट सदस्य के रूप में चार विधायक भी शामिल हुए। पेंशन और कर्मचारियों के वेतन भुगतान से लेकर छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति और क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई शुरू कराने तक के मुद्दे बैठक में उठे।
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बीबीएमकेयू में सीनेट की बैठक शैक्षणिक विकास नीतियों, परीक्षा नियमों, नए पाठ्यक्रमों और विश्वविद्यालय के बजट को मंजूरी देने के लिए आयोजित की जाती है। बीबीएमकेयू धनबाद की सीनेट की तीसरी बैठक करीब छह साल के बाद हुई.इस बैठक में लगभग 27 एजेंडों को रखा गया था। उम्मीद थी कि इन सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद जरूरी प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।

करीब चार घंटे तक चली बैठक में केवल 9 से 10 एजेंडों पर ही चर्चा हो सकी। बाकी एजेंडों पर चर्चा के लिए अब अगली बैठक का इंतजार करना होगा। हालांकि, बैठक में पेंशन और कर्मचारियों के वेतन भुगतान से जुड़े प्रस्तावों को सीनेट से मंजूरी मिल गई। इसके अलावा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में किताबों की खरीदारी के लिए सरकार को वापस हो चुकी राशि को दोबारा उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया। वहीं, प्रयोगशालाओं के लिए आवंटित फंड का जल्द से जल्द इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।
सीनेट की बैठक में छात्रों की उपस्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विश्वविद्यालय में परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और कक्षाओं में छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 75 प्रतिशत अटेंडेंस अनिवार्य करने पर विशेष जोर दिया गया। सीनेट सदस्य और चंदनकियारी के विधायक उमाकांत रजक ने मांग की कि जिन विद्यार्थियों की कॉलेज और विश्वविद्यालय में उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम है, उन्हें परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित किया जाए। उनका कहना था कि छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
वहीं, सिंदरी के विधायक चंद्रदेव महतो ने विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू कराने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कुड़माली, खोरठा और संथाली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को बीबीएमकेयू के पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाई शुरू कराने की जरूरत पर जोर दिया।
कुल मिलाकर, बीबीएमकेयू की तीसरी सीनेट बैठक में कई अहम मुद्दे उठे और कुछ प्रस्तावों को मंजूरी भी मिली। लेकिन लगभग 27 एजेंडों में से अधिकांश पर चर्चा नहीं हो पाने के कारण कई महत्वपूर्ण फैसले फिलहाल टल गए हैं। अब 30 नवंबर को होने वाली अगली बैठक में विश्वविद्यालय के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के साथ-साथ बाकी एजेंडों पर चर्चा की जाएगी।

