रांची: JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID की अब तक की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जेल में बंद JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को लेकर सीआईडी को यह सबूत मिले हैं कि लाखों रुपये के नकद लेनदेन में उनकी पत्नी भी शामिल हैं. सीआईडी कोर्ट में CID ने जो सबूत पेश किये हैं, उसके मुताबिक परीक्षा धांधली में शामिल ब्रज कुमार राम 25 दिसंबर 2025 को अपने अन्य सहयोगियों अरुण कुमार और सनंद प्रकाश के साथ मिजोरम गया था.
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आइजोल में ब्रज कुमार राम एल. ख्यांग्ते से मुलाकात कर पैसों के लेनदेन को अंजाम देने की तैयारी में था. लेकिन एल. ख्यांग्ते से मुलाकात नहीं होने के कारण पूर्व निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए आरोपियों ने एल. ख्यांग्ते की पत्नी को 2.50 लाख रुपये की नकद राशि सौंपी. इसकी पुष्टि CID द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन और फॉरेंसिक डेटा के विश्लेषण से हुई है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप चैट में वित्तीय लेनदेन और ब्लैक लिस्टेड एजेंसी BINSYS के काले कारनामों के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं.
सेटिंग सिंडिकेट में शामिल लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) ने इस पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी है. CDR से मिले साक्ष्यों से यह सिद्ध हो गया है कि ब्रज कुमार राम लगातार परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और BINSYS के निदेशक अरुण कुमार के संपर्क में था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 14वीं JPSC PT परीक्षा में सफल हुए 6 अभ्यर्थियों के मोबाइल विवरण सीधे तौर पर आरोपी के CDR से मैच कर गए हैं, जो सीधी सेटिंग का अकाट्य प्रमाण है.


