गिरिडीह : दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी श्वेता शर्मा ने सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा गिरिडीह के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू आप सभी के सुख दुःख में जिस तरह आपके साथ खड़ा रहते थे उसी तरह मैं भी आपके सुख दुःख में हमेशा आपके साथ खड़ी रहूँगी। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह के विकास के लिए जो सपना देखा था, आपके सहयोग से उनके सपनों को साकार करने का काम करूंगी।
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श्वेता शर्मा का कदम बेहद अहम
सुदिव्य सोनू के निधन के बाद श्वेता शर्मा का पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह सक्रिय रूप से सामने आना राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। बैठक के दौरान माहौल कई बार भावुक हो गया। कार्यकर्ताओं ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को याद किया और उनके साथ बिताए राजनीतिक एवं संगठनात्मक अनुभवों को साझा किया। कार्यकर्ताओं और श्वेता शर्मा के बीच भावनात्मक संवाद भी हुआ। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद गिरिडीह की राजनीति में उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनकी पत्नी श्वेता शर्मा का नाम झामुमो के संभावित उम्मीदवार के तौर पर भी चर्चा में है।
बैठक ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा
श्वेता शर्मा की कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ऐसे समय हुई है, जब सुदिव्य सोनू के निधन से खाली हुई गिरिडीह विधानसभा सीट और मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। ऐसे में इस बैठक को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और आगे की राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
फिलहाल श्वेता शर्मा की राजनीतिक भूमिका को लेकर कोई अधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है, लेकिन झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ उनकी सक्रियता ने गिरिडीह की राजनीतिक हलचल को जरूर बढ़ा दिया है। बैठक की अध्यक्षता झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह और संचालन जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने किया।
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद, मेयर प्रमिला मेहरा, जिला सचिव महालाल सोरेन, जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पु, जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा, धनवार के पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी, प्रणव वर्मा, डिप्टी मेयर सुमित कुमार, बबली मरांडी, दिलीप मंडल, कोलेश्वर सोरेन, बरकत अली समेत सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।


