Monday, September 28, 2026

बिहार के मेडिकल छात्रों का प्रदर्शन, Pappu Yadav के नेतृत्व में CM आवास घेराव के लिए निकला मार्च

पटना में बिहार के मेडिकल छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। पूर्णिया से सांसद Pappu Yadav के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले। छात्रों के इस मार्च में पप्पू यादव भी शामिल हुए। उन्होंने गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे तक छात्रों के साथ पैदल मार्च किया. मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। प्रदर्शन को देखते हुए डाकबंगला चौराहे पर पहले से ही भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही।

Pappu Yadav बोले, बिहार सरकार छात्र विरोधी

डाकबंगला चौराहे पर मार्च को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार छात्र विरोधी रवैया अपना रही है और लगातार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

Pappu Yadav ने कहा कि मेडिकल छात्रों की मांगों को लेकर वे उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान सिर्फ आश्वासन से नहीं बल्कि विश्वविद्यालय और परीक्षा व्यवस्था में जरूरी बदलाव करके किया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज यानी BUHS में स्थायी कुलपति की नियुक्ति भी शामिल है। छात्रों और पप्पू यादव का कहना है कि स्थायी कुलपति की नियुक्ति होने से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

BUHS में स्थायी कुलपति की मांग

मेडिकल छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का असर सीधे उनकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ता है। ऐसे में विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति जरूरी है।

प्रदर्शन के दौरान इस मांग को प्रमुखता से उठाया गया। छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज व्यवस्थित तरीके से चले और छात्रों से जुड़े मामलों का समय पर समाधान हो।

Pappu Yadav ने भी स्थायी कुलपति की नियुक्ति को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में स्थायी नेतृत्व होने से शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

Pappu Yadav ने की परीक्षा की कॉपियों की दोबारा जांच की मांग

मेडिकल छात्रों की दूसरी प्रमुख मांग परीक्षा की कॉपियों की दोबारा जांच से जुड़ी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों को किसी तरह की आपत्ति होने पर उनकी कॉपियों की दोबारा जांच की व्यवस्था होनी चाहिए।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। अगर किसी छात्र को अपने मूल्यांकन को लेकर आपत्ति है तो उसके पास अपनी कॉपी की दोबारा जांच कराने का विकल्प होना चाहिए।

Pappu Yadav ने भी छात्रों की इस मांग का समर्थन किया और कहा कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें छात्रों को अपनी शिकायत रखने और उसका समाधान पाने का उचित अवसर मिले।

समय पर परीक्षा कराने के लिए अकादमिक कैलेंडर लागू करने की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों ने समय पर परीक्षाएं और दूसरी शैक्षणिक गतिविधियां कराने के लिए अकादमिक कैलेंडर लागू करने की भी मांग की है। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट की प्रक्रिया तय समय के मुताबिक होनी चाहिए, ताकि छात्रों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

अकादमिक कैलेंडर लागू होने से परीक्षा और दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पहले से समय तय किया जा सकेगा। छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय की ओर से इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।

मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड का मुद्दा भी उठा

प्रदर्शन के दौरान बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से जुड़े छात्रों को स्टाइपेंड देने की मांग भी उठाई गई। पप्पू यादव ने कहा कि मेडिकल छात्रों को स्टाइपेंड मिलना चाहिए और सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

छात्रों का कहना है कि उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण से जुड़े कई खर्च होते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड से उन्हें आर्थिक मदद मिल सकती है। प्रदर्शन के दौरान इस मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया।

सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो गांव-गांव जाने की चेतावनी

डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए Pappu Yadav ने कहा कि आज वे लोग मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने छात्रों की मांगों को नहीं माना तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार अगर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो गांव-गांव जाकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र शामिल हुए। गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च डाकबंगला चौराहे तक पहुंचा, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। अब छात्रों की नजर सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर उठाए जाने वाले कदम पर है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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