रांची: झारखंड के डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान सरकार और याचिकाकर्ता की ओर से जोरदार दलीलें रखी गईं. बाबूलाल मरांडी की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के जवाब में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि डीजीपी रैंक में प्रोन्नत इकलौती महिला अधिकारी तदाशा मिश्रा को अवसर देने के लिए नियम-5 में संशोधन किया गया.
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अधिवक्ता सिब्बल ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डीजीपी नियुक्ति नियमावली बनाई है. उन्होंने तदाशा मिश्रा के नक्सल और अपराध के क्षेत्र में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया.वहीं, अमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को लेकर आपत्ति जताई गई है.
रिपोर्ट में सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट के डीजीपी नियुक्ति संबंधी दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं बताया गया है. कपिल सिब्बल ने कहा कि अमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर राज्य सरकार गुरुवार को अपना विस्तृत पक्ष रखेगी. इसके बाद कोर्ट झारखंड में डीजीपी नियुक्ति को लेकर आगे के दिशा-निर्देश दे सकता है.


