रांची: भाजपा ने मध्य प्रदेश के दिग्गज आदिवासी चेहरे और सांसद गजेंद्र पटेल को झारखंड का नया प्रभारी नियुक्त किया है. बिहार भाजपा की निवेदिता सिंह और छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक सौरव सिंह को सह प्रभारी बनाया गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक सौरव सिंह अभी वहां खनिज विकास निगम के अध्यक्ष हैं। झारखंड का पड़ोसी राज्य होने की वजह से यहां की सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थिति पर सहजता से काम करने की दृष्टि से भाजपा ने उनकी नियुक्ति की है।
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खरगोन से हैं भाजपा सांसद
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व खरगोन-बड़वानी (एसटी) लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले गजेंद्र पटेल अपनी सादगी और मजबूत सांगठनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं. 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर संसद पहुंचने वाले गजेंद्र पटेल को राजनीतिक विरासत अपने परिवार से मिली है. उनके पिता उमराव पटेल बड़वानी से विधायक रहने के साथ-साथ मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं.
आदिवासी समाज में है पकड़
गजेंद्र पटेल को आदिवासी समाज में पकड़ और भाजपा संगठन की बेहतर समझ की वजह से इन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी टीम में महासचिव बनाया है। पूर्व में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे गजेंद्र सिंह पटेल मध्यप्रदेश में भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वनवासी कल्याण आश्रम जैसे संगठनों से जुड़े रहे गजेंद्र पटेल की संगठन प्रभारी के तौर पर झारखंड में महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।
संसद में 96 फीसदी उपस्थिति
संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, गजेंद्र पटेल की सदन में उपस्थिति लगभग 96 प्रतिशत दर्ज की गई है. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों पर मुखर होकर 76 से अधिक सवाल पूछे हैं और 12 महत्वपूर्ण बहसों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है.वर्तमान में वे संसद की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी समिति के सदस्य हैं तथा पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य मंत्रालय की सलाहकार समिति के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा, वे पूर्व में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.


