न्यूज डेस्क : चुनाव आयोग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की 11 सीटों व प बंगाल के राज्यसभा के एक सीट के लिए चुनाव की घोषणा की. 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी तो वहीं 6 अक्टूबर तक नामांकन भरे जा सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर 16 अक्टूबर को मतदान व उसी दिन शाम को मतगणना होगी। उत्तर प्रदेश के 10 सीटों को लेकर माना जा रहा है कि इस चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए 10 में से 7 सीटें जीतने की स्थिति में है, ऐसे में पार्टी राज्यसभा चुनाव में भी चौंकाने वाले कुछ चेहरों पर दांव लगा सकती है।
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इन नेताओं की चर्चा जोरों पर
अर्चना मिश्रा की पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात हो चुकी है। राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी की भी प्रबल दावेदारी है। राज्यसभा सदस्य रहते गीता शाक्य को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है, जिनकी जगह पार्टी किसी नए ओबीसी महिला को राज्यसभा का टिकट दे सकती है। शाक्य विधान सभा चुनाव लड़ सकती हैं।
दलित चेहरे के रूप में इस पर दांव
बृजलाल का कार्यकाल पूरा हो रहा, जिनकी जगह दलित चेहरों में युगल किशोर का भी नाम चर्चा में है। हालांकि उनके पुत्र के विधायक होने की वजह से भाजपा पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर और प्रियंका रावत जैसे अन्य विकल्पों पर अमल कर सकती है। केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा एवं हरदीप पुरी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अगर दोनों को मंत्रिमंडल विस्तार से बाहर रखना होगा तो उनकी जगह दूसरे कार्यकर्ताओं को राज्यसभा भेजा जाएगा।
तीन महिलाओं को मिल सकता है मौका
भाजपा दो से तीन महिलाओं को अवसर देने का मन बना रही है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर को भाजपा ने 2020 में राज्यसभा भेजा था। चर्चा है कि उनकी दावेदारी पर निर्णय गृहमंत्री व प्रधानमंत्री लेंगे। उप राज्यपाल बनने के बाद डा. दिनेश शर्मा राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं, जिनकी जगह नए चेहरे को अवसर मिलेगा। अरुण सिंह को राज्यसभा का टिकट नहीं मिला तो पूर्व मंत्री सुरेश राणा के भी अच्छे दिन आ सकते हैं।


