रांची: डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ आंदोलन का ऐलान करने वाला झारखंड पुलिस एसोसिएशन बैकफुट पर नजर आ रहा है। एसोसिएशन ने विधायक के खिलाफ प्रस्तावित अपने आंदोलन को स्थगित कर दिया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन अंदरूनी तौर पर बताया जा रहा है कि एसोसिएशन ने आंदोलन को स्थगित कर दिया है. इससे पहले चरणबद्ध आंदोलन को झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन के कारण स्थगित किया गया था।
इसे भी पढ़ें: बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर आलोक दूबे का पलटवार, बोले- जांच को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं
बता दें कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पिछले महीने 22 अगस्त को डुमरी विधायक जयराम महतो के धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ कथित तौर पर किए गए दुर्वव्यवहार को लेकर आंदोलनरत था और इसके अंतर्गत इसी सितंबर महीने की शुरूआत में एसोसिशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एसोसिएशन की लंबित मांगों के साथ-साथ डुमरी विधायक के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की थी और मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी. लेकिन अब एसोसिएशन इस मामले में बैकफुट पर है. इससे पहले पिछले सप्ताह ही कोर्ट ने भी जयराम महतो को इस मामले में अग्रिम जमानत दे दी थी.
एसोसिएशन के आंदोलन को स्थगित करने के फैसले से आम पुलिसकर्मियों में आक्रोश और निराशा है. आंदोलन अचानक खत्म किए जाने से नाराज कई पुलिसकर्मियों ने अपने ही संगठन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिसकर्मियों के बीच यह चर्चा तेज है कि कहीं संगठन के पदाधिकारियों और विधायक जयराम महतो के समर्थकों के बीच कोई अंदरूनी समझौता तो नहीं हो गया है? पुलिसकर्मियों का कहना है कि आंदोलन किस आधार पर और क्यों स्थगित किया गया, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा साझा नहीं की गई है.
पुलिसकर्मियों का मानना है कि संगठन के इस ढुलमुल रवैये से कानून हाथ में लेने वाले जनप्रतिनिधियों का मनोबल बढ़ेगा. इसका ताजा उदाहरण हजारीबाग में देखने को मिला, जहां पूर्व विधायक योगेंद्र साव ने सदर सीओ के साथ गाली-गलौज की. पुलिसकर्मियों का तर्क है कि यदि झारखंड पुलिस एसोसिएशन विधायक जयराम महतो के खिलाफ मजबूती से आंदोलन करता, तो कानून का उल्लंघन करने वाले जनप्रतिनिधियों में एक कड़ा संदेश जाता. लेकिन संगठन के पीछे हटने से अब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान पर सवाल खड़े हो रहे हैं.


