रांची: भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने SIR के दौरान जमशेदपुर की मतदाता सूची में तीन अफगानी नागरिकों का नाम सामने आने पर झारखंड की पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल तीन नामों का मामला नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि आखिर एक विदेशी नागरिक भारतीय मतदाता सूची तक पहुंचा कैसे? सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन अफगानी नागरिकों के भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज कैसे तैयार हुए?
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उन्होंने कहा कि यदि वे भारत के नागरिक नहीं हैं, तो उनके नाम पर आधार, पहचान अथवा अन्य दस्तावेज किस आधार पर बनाए गए? इन दस्तावेजों का सत्यापन किस अधिकारी या व्यवस्था द्वारा किया गया? दूसरा महत्वपूर्ण सवाल है कि इनके नाम मतदाता सूची में किस प्रक्रिया के तहत शामिल किए गए? क्या BLO स्तर पर सत्यापन में लापरवाही हुई या फिर किसी ने जानबूझकर गलत दस्तावेजों के आधार पर इन्हें मतदाता बनाने में मदद की?
प्रदेश प्रवक्ता ने सवालिया लहजे में कहा कि सरकार और प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह केवल जमशेदपुर तक सीमित मामला है या झारखंड के अन्य जिलों की मतदाता सूचियों में भी ऐसे विदेशी नागरिकों के नाम मौजूद हैं? यदि तीन मामले सामने आए हैं, तो व्यापक स्तर पर जांच क्यों नहीं की जा रही? SIR का उद्देश्य ही मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना है। ऐसे में विदेशी नागरिकों के नाम सामने आना बेहद गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि केवल नाम हटाकर मामले को समाप्त नहीं किया जा सकता। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, दस्तावेज तैयार करने से लेकर मतदाता सूची में नाम जुड़ने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच हो और दोषी अधिकारियों अथवा इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो। झारखंड की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आखिर उनकी लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ यह खिलवाड़ किसकी लापरवाही या मिलीभगत से हुआ ?


