Saturday, September 12, 2026

Siliguri Corridor: अमित शाह का सख्त संदेश, 6 महीने में हिन्दू, सिख और जैन शरणार्थियों को नागरिकता

सिलीगुड़ी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 22 अगस्त को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में पूर्वी सीमा की सुरक्षा, सिलीगुड़ी कॉरिडोर Siliguri Corridor यानी ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अमित शाह ने कहा कि CAA के तहत पात्र हिंदू, सिख और जैन शरणार्थियों को अगले छह महीने के भीतर नागरिकता दी जाएगी। वहीं, अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बंगाल से बाहर भेजने की बात भी कही।

Siliguri Corridor ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा पर फोकस

अमित शाह ने सुकना में पश्चिम बंगाल सरकार, केंद्रीय सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें सीमा पर निगरानी मजबूत करने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई। साथ ही ‘ट्राएंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड’ तैयार करने की योजना पर भी बात हुई।

इससे पहले शुक्रवार को सिलीगुड़ी में SSB के एक कार्यक्रम में शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र बताया था। यह करीब 20 से 22 किलोमीटर चौड़ा संकरा गलियारा भारत के बाकी हिस्सों को पूर्वोत्तर के आठ राज्यों से जोड़ता है।

Siliguri Corridor समेत तीन नए सैन्य गैरीसन की योजना

सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार तीन नए सैन्य गैरीसन स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। ये गैरीसन असम के धुबरी, बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में बनाए जाने की बात कही गई है। इन तीनों जगहों को रणनीतिक रूप से जोड़कर एक मजबूत सुरक्षा त्रिकोण तैयार करने की योजना है।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए बेहद अहम रणनीतिक क्षेत्र है। यह संकरा भू-भाग देश के बाकी हिस्सों को पूर्वोत्तर के आठ राज्यों से जोड़ता है। ऐसे में इस इलाके की सुरक्षा सीधे तौर पर पूर्वोत्तर तक पहुंच और सैन्य-रणनीतिक आवाजाही से जुड़ी हुई है।

क्यों जरूरी है ये क्षेत्र

इस क्षेत्र की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इसके आसपास नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं मौजूद हैं। सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ, तस्करी और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए निगरानी मजबूत करना केंद्र की प्राथमिकताओं में शामिल है।

प्रस्तावित तीनों गैरीसन से सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ेगी और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग दिशाओं में तेजी से कार्रवाई करना आसान हो सकता है। साथ ही, सेना, BSF, SSB, खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। इस पूरी योजना का मकसद सिलीगुड़ी कॉरिडोर Siliguri Corridor को किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से बचाना है। यही वह संवेदनशील इलाका है जो सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जाता है.

CAA  पर शाह का सख्त संदेश

बैठक के बाद अमित शाह ने CAA के तहत पात्र शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हिंदू, सिख, जैन समेत पात्र शरणार्थियों को छह महीने के भीतर नागरिकता दी जाएगी।CAA के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के पात्र लोगों के लिए नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया आसान की गई है।

अवैध घुसपैठ पर भी नजरें 

अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी गृह मंत्री ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और उन्हें वापस भेजा जाएगा।अमित शाह के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में नागरिकता और घुसपैठ का मुद्दा Siliguri Corridor की वजह से  एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

ये भी पढ़ें – असम में अब 18 साल से ऊपर वालों का नहीं बनेगा आधार कार्ड, घुसपैठ रोकने के लिए सरकार का बड़ा फैसला

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

Big Breaking News: एक करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर...

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर