रांची : जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी ने पूर्व चेयरमैन व झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते के करीबी धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया है. धर्मेंद्र एल. ख्यांग्ते के बतौर मुख्य सचिव रहते उनके गोपनीय शाखा में काम कर चुका है. सीआईडी ने धर्मेंद्र कुमार के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं. टीम ने उसका कंप्यूटर भी अपने कब्जे में ले लिया है. हालांकि सीआईडी की तरफ से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
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बताया जा रहा है कि सीआईडी की यह कार्रवाई एल. ख्यांग्ते से चार बार हुई पूछताछ में मिले अहम तथ्यों व सुरागों के बाद हुई है. इससे जेपीएससी परीक्षाओं खासकर 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा पीटी परीक्षा में हुई धांधलियों के सुराग मिल सकते हैं.
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मंगलवार को 3 की गिरफ्तारी
इससे पहले सीआईडी ने मंगलवार को भी तीन लोगों को जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार हुए आरोपियों में उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार शामिल है. जानकारी के अनुसार इन सभी की गिरफ्तारी परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के साथ मिलकर ‘सेटिंग-गेटिंग’ करने के आरोप में हुई इन गिरफ्तारियों के साथ ही इस पूरे प्रकरण में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो गई है.
रिमांड पर टीडीपीएल निदेशक
इधर मामले की जांच कर रही सीआईडी रिमांड पर लिए गए तीन मुख्य आरोपियों से भी पूछताछ में जुटी है. रिमांड पर लिए गए लोगों में परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, निलंबित पोड़ैयाहाट बीएसओ अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी और टीडीपीएल का प्रोग्रामर मोहम्मद उस्मान शामिल है.
इस दौरान सीआईडी ने ओएमआर शीट में की गई हेराफेरी और टेंपरिंग पर सवाल पूछे. इसके अलावा सीआईडी परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से कितनी रकम वसूली गई थी और इस अवैध वसूली का हिस्सा किस-किसके बीच बांटा गया. सीआईडी फिलहाल इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन का ब्यौरा खंगाल रही है.


