रांची: 6 अगस्त से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। 12 अगस्त तक चलने वाले सत्र के सुचारू संचालन को लेकर सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान बैठक में संसदीय कार्य सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी मौजूद थे. स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि यदि विधायकों के सवालों के जवाब और विधेयकों की प्रतियां समय पर सदन को उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो इसे सदन की अवमानना और जनहित की अनदेखी माना जाएगा.
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स्पीकर ने जताई नाराजगी

झारखंड विधानसभा में ब्यूरोक्रेसी की उदासीनता का आलम यह है कि जनप्रतिनिधियों के सवालों और जनता की उम्मीदों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. सरकार द्वारा सदन में मंत्रियों द्वारा दिए गए कुल 1390 आश्वासनों पर संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. विधायकों द्वारा शून्यकाल के दौरान लाई गई 440 सूचनाओं में से 321 का अब तक कोई अता-पता नहीं है. शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बेहद संवेदनशील और बुनियादी विभागों की फाइलें भी महीनों से लंबित पड़ी हैं, जिससे समय पर सदन तक जवाब नहीं पहुंच पा रहा है. इस पर स्पीकर ने भी नाराजगी जताई है.
विधानसभा अध्यक्ष ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के मोर्चे पर पुलिस पदाधिकारियों को बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के आसपास होने वाले उग्र धरना-प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है. स्पीकर ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों से अपील की है कि वे सदन की गरिमा को बनाए रखें. उन्होंने उम्मीद जताई है कि सभी के सहयोग से पिछले सत्र की तरह इस बार भी सदन की कार्यवाही पूरी तरह व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित होगी.
विधायकों की नाराजगी स्वाभाविक: राधाकृष्ण

संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने साफ कहा कि यदि विभागीय अधिकारी अपनी कार्यशैली नहीं सुधारते हैं और तय समय पर जवाब सदन पटल पर नहीं रखते हैं, तो विधायकों का गुस्सा और नाराजगी पूरी तरह से स्वाभाविक है. सरकार इस मोर्चे पर ढिलाई बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शने के मूड में नहीं है.
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार की उच्चस्तरीय बैठक को बेहद लाभदायक करार दिया. इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों और छात्र हितों के मुद्दों पर सरकार का पक्ष पूरी मजबूती के साथ रखा. मंत्री ने दो-टूक कहा कि वर्तमान सरकार हमेशा से छात्रों के हक और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रही है. यदि विपक्ष छात्रों के मुद्दों को सदन के पटल पर उठाता है, तो सरकार हर सवाल का सामना करने और उसका माकूल जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सदन में सिर्फ हंगामा ही करना है, तो छात्रों के असल मुद्दों पर गंभीर चर्चा कैसे होगी? सरकार हर तार्किक बहस के लिए तैयार है, बशर्ते विपक्ष राजनीति से ऊपर उठकर सदन को चलने दे.


