लखनऊ : लखनऊ अग्निकांड मामले में प्रशासन का लगातार एक्शन जारी है. इसी बीच जानकारी आ रही है कि लखनऊ विकास प्रधिकरण ने अलीगंज की उस इमारत को गिराने का नोटिस जारी कर दिया है.बता दें कि इस बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी.
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घटनास्थल पर पहुंची एसआईटी
अलीगंज अग्निकांड मामले में सीएम योगी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने मामले की जांच तेज कर दी है. बताया जा रहा है कि जांच टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है, जहां टीम बारीकी से निरीक्षण कर सबूत जुटा रही है. एसआईटी बिल्डिंग में आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई लापरवाही की जांच करेगी. हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने पर जांच का फोकस रहेगा. इसके साथ ही एसआईटी ने सभी संबंधित विभागों से भी रिपोर्ट तलब की है.
मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि
इधर यूपी सरकार ने इस अग्निकांड में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत पहुंचाने को लेकर 5 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करने की आधिकारिक घोषणा की है. बताया जा रहा है कि इस ऐलान के बाद स्थानीय विधायक नीरज बोरा ने तुरंत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक सहायता राशि प्रदान की. हालांकि कितने प्रभावित परिवारों को यह सहायता राशि मिली, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है.
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
लखनऊ अग्निकांड की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि जिस में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई, उसमें अंदर और बाहर आने-जाने के लिए एक सकरा रास्ता था, वही से सकरी सीढ़ियां पहली-दूसरी और तीसरी मंजिल पर जाने के लिए थीं. जांच में पता चला है कि यही वजह थी कि जब बिल्डिंग में आग लगी तो धुएं और आग ने रास्ता बंद कर दिया और परिसर में काम करने वाले, पढ़ने वाले लड़के-लड़कियां निकल नहीं पाए. जिससे उनकी मौत हो गई.
‘आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन’
लखनऊ अग्निकांड में मारा गया रहमान अपने घर का अकेला कमाने वाले था और उनके पिता विकलांग हैं, उनके कंधों पर बहन की शादी की जिम्मेदारी थी. रहमान के भाई मोहम्मद हाजिम सिद्दीकी के अनुसार उन्हें रात आठ बजे पता चला कि इस अग्निकांड में रहमान की मौत हो गई है. वह घर का अकेला कमाने वाला था, क्योंकि उनके पिता विकलांग हैं और मां पढ़ाने का काम करती है. उन्होंने इस आग्निकांड की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा देने की मांग की. साथ ही उन्होंने सीएम योगी से घटना के दोषियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन की भी मांग की है.




