रांची: झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के 13 अधिकारियों को बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी देते हुए प्रोन्नति प्रदान की है। विभागीय प्रोन्नति समिति की 29 अप्रैल को हुई बैठक की अनुशंसा के आधार पर यह निर्णय लिया गया। इस संबंध में सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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जारी आदेश के अनुसार संयुक्त सचिव एवं समकक्ष कोटि के अधिकारियों को अपर सचिव कोटि में प्रोन्नत किया गया है। प्रोन्नति के बाद अधिकारियों को पुनरीक्षित वेतनमान लेवल-13 में रखा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारी फिलहाल अपने वर्तमान पदों पर ही अपर सचिव कोटि में कार्य करेंगे।
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इन अधिकारियों को मिली प्रोन्नति
प्रोन्नति पाने वाले अधिकारियों में अल्बर्ट बिलूंग, संयुक्त सचिव कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, अखलेश कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, संदीप कुमार दोराइबुरु, ओनिल क्लेमेन्ट ओढ़ेया, संयुक्त सचिव जल संसाधन विभाग तथा मोईनउद्दीन खान, संयुक्त सचिव पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग शामिल हैं।
इसके अलावा रंजीता हेम्ब्रम, विशेष कार्य पदाधिकारी झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा परिषद, रविराज शर्मा, मो. मुस्तकीम अंसारी, संयुक्त सचिव ऊर्जा विभाग, श्याम नारायण राम, प्रवीण कुमार गागराई, परियोजना निदेशक समेकित जनजाति विकास अभिकरण लातेहार, दिलीप तिकी, निदेशक खाद्य एवं सार्वजनिक मामले विभाग, निरंजन कुमार, उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद जामताड़ा और संजय कुमार भगत, परियोजना निदेशक समेकित जनजाति विकास अभिकरण रांची को भी प्रोन्नति दी गई है।
वर्तमान पद हुए उत्क्रमित
सरकार के आदेश के अनुसार जिन पदों पर अधिकारी वर्तमान में कार्यरत हैं, उन पदों को उनके कार्यकाल तक अपर सचिव कोटि में उत्क्रमित किया गया है। यानी अधिकारी अपने वर्तमान दायित्वों के साथ ही उच्च पद का लाभ प्राप्त करेंगे। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि जिन अधिकारियों को “पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत” श्रेणी में रखा गया है, उन्हें प्रोन्नति का लाभ नई पदस्थापना के बाद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मिलेगा। राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अनुभवी अधिकारियों को उच्च जिम्मेदारी मिलने से विभागीय कार्यों में तेजी आने और प्रशासनिक समन्वय बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।


