अहमदाबाद: गुजरात में बुधवार सुबह एक धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया। ईमेल में विधानसभा, अहमदाबाद के स्कूलों और कच्छ के मुंद्रा पोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जिसके बाद प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड में आ गया।
Highlights:
विधानसभा खाली कराई गई, सघन तलाशी
धमकी मिलने के बाद गांधीनगर विधानसभा को तुरंत खाली कराया गया। सभी विधायकों और मंत्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर पूरे परिसर की गहन जांच की गई। बम स्क्वॉड और पुलिस टीमों ने हर कोने की तलाशी ली, हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद सदन की कार्यवाही करीब एक घंटे की देरी से शुरू हुई।
स्कूलों में भी धमकी, जांच में कुछ नहीं मिला
ईमेल में अहमदाबाद के तीन स्कूलों के नाम हैं, जिसमें महाराजा अग्रसेन स्कूल (मेमनगर), कैलोरेक्स स्कूल (घाटलोडिया) और शांति एशियन स्कूल को निशाना बनाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और जांच टीमों ने सभी स्कूलों की तलाशी ली, लेकिन वहां भी कोई संदिग्ध चीज नहीं पाई गई।
मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षा कड़ी
कच्छ जिले के मुंद्रा पोर्ट को लेकर भी गंभीर धमकी दी गई थी। ईमेल में एलपीजी टैंकर को मिसाइल से उड़ाने की बात कही गई, जिसके बाद पोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। ईमेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गईं, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
पुलिस और साइबर टीम जांच में जुटी
एसपी रवि तेजा वासमशेट्टी के अनुसार, यह धमकी विधानसभा की आधिकारिक ईमेल आईडी पर जीमेल के जरिए अंग्रेजी में भेजी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से चल रहा है और 25 मार्च तक जारी रहेगा। इस दौरान कुल 26 बैठकें प्रस्तावित हैं। हाल ही में व्यापार सलाहकार समिति की बैठक में यूसीसी विधेयक को 25 मार्च को पेश करने पर चर्चा हुई थी।
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पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह ईमेल पहले मिली किसी धमकी से जुड़ा है या नहीं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर पहलू की जांच की जा रही है। हालांकि जांच में अब तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन इस तरह की धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।

