रांची : झारखंड आंदोलन के प्रणेता, अलग झारखंड राज्य निर्माता, पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक नेता जननायक समाज सुधारक स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई है। केंद्र सरकार ने रविवार को पद्म पुरस्कारों की सूची जारी की, जिसमें लोक कल्याण और सामाजिक योगदान के लिए गुरुजी शिबू सोरेन के नाम की घोषणा की गई।
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भारत रत्न की मांग रहेगी जारी
झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने दिशोम मुरू को पद्म भूषण सम्मान दिए जाने के फैसले पर भारत सरकार के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने हाशिये पर खड़े आदिवासी समाज को देश की मुख्यधारा में आवाज दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गुरुजी की जीवन-यात्रा और योगदान को देखते हुए भारत रत्न की मांग आगे भी जारी रहेगी। बता दें कि झारखंड विधानसभा ने पिछले वर्ष 2025 में मानसून सत्र के दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर गुरुजी को भारत रत्न दिए जाने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था।
आगे उन्होंने कहा कि गुरुजी की विरासत झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के सामाजिक न्याय के संघर्षों में एक अमिट अध्याय बनी रहेगी। दिशोम गुरु शिबू सोरेन भारतीय मिट्टी के सच्चे संघर्षी सपूत थे। भारत के जंगल की आवाज को उन्होंने देश के सर्वोच्च सदन में उठाया।उनका जीवन, उनका संघर्ष देश के विभिन्न हिस्सों में हाशिये पर जीवन जीने को मजबूर आदिवासी – मूलवासी समाज को आवाज दिया।
मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे, वे भारत रत्न के सच्चे मायनों में हकदार हैं। मुझे नहीं पता भारत के इतिहास में किसी आदिवासी व्यक्ति को यह सम्मान अब तक मिला है ? तो इसका क्या मतलब है ? आदिवासी समाज में कोई नायक नहीं हुए ? नहीं… ऐसा नहीं है … सच्चाई है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्य धारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है। वैसे भारत सरकार ने दिशोम गुरु जी को पद्म विभूषण से सम्मानित करने का निर्णय लिया है इसके लिए उन्हें साधुवाद, परन्तु, मैं फिर दोहराऊंगा कि मेरे साथ-साथ दिशोम गुरूजी के करोड़ों समर्थक चाहेंगे कि उन्हें भारत रत्न मिले।
यह झारखंड की मिट्टी का सम्मान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा झारखंड के धरती पुत्र श्रद्धेय शिबू सोरेन जी को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने कहा यह सम्मान झारखंड की मिट्टी का सम्मान है। श्रद्धेय गुरुजी का संपूर्ण जीवन संघर्षों के साथ लोककल्याण के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि श्रद्धेय गुरुजी ने झारखंड में व्याप्त अशिक्षा,नशाखोरी और सूदखोरी के खिलाफ बड़ा संघर्ष किया। झारखंड अलग राज्य के आंदोलन का श्रद्धेय गुरुजी ने वर्षों तक नेतृत्व किया और उसे एक दिशा दी। मोदी सरकार लगातार झारखंड के अमर शहीदों, कलाकारों और समाजसेवियों को पद्म अलंकरण से सम्मानित कर रही है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया।


