उत्तरप्रदेश : बरेली में शनिवार दोपहर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी माने जाने वाले मोहम्मद आरिफ की दो बड़ी इमारतों पर बुलडोजर चला दिया। इन दोनों इमारतों की कुल कीमत करीब 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा की जा रही इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
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मामला क्या है?
यह कार्रवाई बरेली हिंसा से जुड़े विवाद के बाद शुरू हुई। बताया जाता है कि कुछ सप्ताह पहले शहर में कथित रूप से ऐसे बयान और गतिविधियाँ हुई थीं, जिनमें मौलाना तौकीर रज़ा का नाम सामने आया था। हिंसा के दौरान तोड़फोड़, पथराव और तनाव के मामलों में कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इन्हीं आरोपियों में से एक तौकीर रज़ा के करीबी मोहम्मद आरिफ भी सूची में शामिल थे। जांच के दौरान बरेली विकास प्राधिकरण ने पाया कि आरिफ द्वारा बनाई गई मार्केट और मैरिज हॉल बिना मानकों और भवन निर्माण नियमों के बनाई गई हैं। इसके बाद BDA ने नोटिस जारी किया, पर जवाब संतोषजनक न मिलने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
शनिवार को शुरू हुई कार्रवाई
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे BDA की टीम भारी सुरक्षा के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद दोनों इमारतों पर एक साथ बुलडोजर उतारे गए। पहले लोहे और कंक्रीट की संरचना हटाई गई, फिर धीरे-धीरे ऊपरी हिस्सों को गिराया गया। शनिवार की शाम तक दोनों इमारतों का बड़ा हिस्सा तोड़ा जा चुका था। मार्केट और मैरिज हॉल को ध्वस्त करने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल बन गया। कुछ लोग इसे प्रशासन का सख्ती का संदेश बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मतलब निकाले जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का हिंसा मामले से सीधा संबंध नहीं, यह केवल अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति के बनाई गई संरचना के खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई है।


