राँची । राजधानी राँची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। अंडर ग्रेजुएट (UG) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) के छात्रों ने शनिवार को लगातार तीसरे दिन सुबह 8 बजे से विश्वविद्यालय परिसर में तालाबंदी कर दी और जमकर धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन के चलते पूरे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक कार्य ठप हो गया है।
क्या है छात्रों का आरोप?
छात्रों का स्पष्ट आरोप है कि वे पिछले कई महीनों से बढ़ी हुई फीस को कम करने और विभागों में बेहतर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
प्रशासन द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद छात्रों ने पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है:
“21 नवंबर को कुलसचिव और डीएसडब्ल्यू ने छात्रों से बातचीत कर तालाबंदी खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित छात्र और छात्रा अभी भी विरोध प्रदर्शन करने में लगे हुए हैं।
कुलपति से सीधे संवाद की मांग
आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। उनकी मुख्य मांगें हैं:
- बढ़ी हुई फीस में तत्काल कटौतीकी जाए।
- कुलपति स्वयं परिसर आकर छात्रों से सीधी बातचीत करें और फीस में कमी का निर्णय लें।
छात्रों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुलपति तीसरे दिन भी उनसे मिलने नहीं पहुँचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीती शाम कुलपति कैंपस आए थे, लेकिन छात्रों से बिना कोई संवाद किए ही लौट गए, जिससे छात्रों में और अधिक रोष फैल गया है।
प्रबंधन का पक्ष: कमेटी रिपोर्ट के बाद ही फैसला
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कुलसचिव ने कहा कि फीस वृद्धि की जाँच के लिए एक कमेटी गठित की गई है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई तभी संभव है जब छात्र तालाबंदी समाप्त करें और शैक्षणिक माहौल बहाल हो।
इसके बावजूद, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और तालाबंदी जारी रहेगी। फ़िलहाल, DSPMU परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।


