रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में यूजी-पीजी कॉमर्स की शुल्क वृद्धि को लेकर उठी आग दूसरे दिन शुक्रवार यानी 21 नवंबर को और भड़क गई। सुबह से शुरू हुई तालाबंदी ने न सिर्फ कक्षाओं को ठप कर दिया, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे को भी जकड़ लिया। प्रदर्शनकारी छात्रों और विवि प्रशासन के बीच बातचीत की हर कोशिश नाकाम रही। तालाबंदी के करीब 30 घंटे बाद शुक्रवार शाम 4 बजे प्रभारी कुलपति अंजनी कुमार मिश्र कैंपस पहुंचे। वे करीब 15 मिनट तक डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार, रजिस्ट्रार डॉ. धनंजय बासुदेव द्विवेदी, प्रॉक्टर डॉ. राजेश कुमार सिंह और डॉ. अजय चौधरी के साथ ओल्ड बिल्डिंग में बातचीत की। लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों से बिना बात किए कुलपति परिसर से लौट गए, जिससे छात्रों में और असंतोष पैदा हुआ। इससे पहले छात्र प्रतिनिधियों की ओर से पहले एग्जाम फॉर्म जमा करने की तिथि बढ़ाने की मांग की गई थी, जिसे विवि ने खारिज कर दिया। छात्रों ने कहा कि मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन तालाबंदी जारी रहेगी। इधर, कैंपस पर पुलिस-प्रशासन की पैनी नजर थी। बताते चले की रांची एवं आसपास के प्रखंडों के अलावा लोहरदगा जिले से भी छात्र यहां पड़ते हैं। सुनील, हेमंत, सौरभ, आनंद समेत कई छात्रों ने कहा- हम पढ़ाई के लिए आते हैं, आंदोलन से हमें कोई मतलब नहीं। रोज यहां आकर पता चलता है कि स्ट्राइक है। इससे नुकसान सिर्फ छात्रों का हो रहा है।



