Thursday, July 23, 2026

राहुल गांधी के ख़िलाफ़ 272 रिटायर्ड अफ़सरों और जजों ने लिखी खुली चिट्ठी, कांग्रेस ने ये कहा

न्यूज डेस्क : देश के जाने-माने 272 लोगों ने एक खुले ख़त में कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की है. इन 272 लोगों में 16 जज, 14 राजदूतों सहित 123 रिटायर्ड ब्यूरोक्रैट्स, 133 सशस्त्र बलों के रिटायर्ड अधिकारी शामिल हैं. इसमें लिखा गया है, “लोकसभा में विपक्ष के नेता ने बार-बार चुनाव आयोग पर हमला करते हुए कहा कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि चुनाव आयोग वोट चोरी में शामिल है.”

आगे लिखा गया है, “हम, सिविल सोसाइटी के वरिष्ठ नागरिक, इस बात पर गहरी चिंता जाहिर करते हैं कि भारत के लोकतंत्र पर बल प्रयोग से नहीं, बल्कि उसकी आधारभूत संस्थाओं के ख़िलाफ़ ज़हरीली बयानबाज़ी से हमला हो रहा है. कुछ राजनेता, नीतिगत विकल्प पेश करने के बजाय, अपनी नाटकीय राजनीतिक रणनीति के तहत भड़काऊ लेकिन निराधार आरोपों का सहारा लेते हैं.”

जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा, “संवैधानिक संस्थाओं के ख़िलाफ़ ग़लत जानकारी फ़ैलाने की कांग्रेस पार्टी की आदत बन गई है, ख़ासकर राहुल गांधी की.” पहले वो सेना पर हमले करते हैं फिर सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं और इसके बाद संसद के प्राधिकार को लेकर हंगामा करते हैं. और कुछ समय से वे चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं.”

खुले ख़त पर कांग्रेस ने क्या कहा?

देश के जाने-माने 272 लोगों की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना वाले खुले ख़त पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.  कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने इसे पूरी तरह से प्रायोजित पत्र बताया और कहा, “हर कोई इसे समझ सकता है. आप हस्ताक्षरकर्ताओं को देख सकते हैं. एक कैबिनेट मंत्री की पत्नी भी हस्ताक्षरकर्ताओं में से एक हैं.”

कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद ने कहा कि “उन्हें (चुनाव आयोग) राहुल गांधी की ओर से पेश सबूतों पर जवाब देना चाहिए. अगर आप सबूत ख़ारिज़ करते हैं तो आपको इसका आधार देना चाहिए.”

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने देश के सामने तथ्य और सबूत पेश किए कि कैसे चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिलीभगत कर रहा है और मतदाता सूची में व्यापक तौर पर तिकड़म कर रहा है.” उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को सवालों के जवाब देने चाहिए लेकिन ऐसा लगता है कि किसी अदृश्य ताक़त की ओर से सवाल पूछे जा रहे हैं. मुझे लगता है कि हमारे देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए चुनावी प्रक्रिया का निष्पक्ष होना और सभी सवालों के जवाब देना ज़रूरी है.” उन्होंने आरोप लगाया, “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सीईसी के रूप में काम करन के बजाय बीजेपी के पन्ना प्रमुख के रूप में काम कर रहे हैं.”

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