रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सुभाष चौक इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर कुल 22.200 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इसके अलावा मामले में इस्तेमाल की जा रही दो लग्जरी कारों को भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
Highlights:
पुलिस की यह कार्रवाई 22 अगस्त को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को जानकारी मिली थी कि रामगढ़ के सुभाष चौक स्थित एक गुमटी से अवैध तरीके से गांजे की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही रामगढ़ के एसपी मुकेश लुनायत ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया।
गुप्त सूचना के बाद बनाई गई विशेष टीम
पुलिस के मुताबिक, सूचना के सत्यापन और तत्काल कार्रवाई के लिए डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल बनाया गया। टीम ने सुभाष चौक स्थित दुर्गा मंदिर के पास उस गुमटी को निशाना बनाया, जहां गांजे की अवैध खरीद-बिक्री की सूचना मिली थी।
पुलिस टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां मौजूद एक युवक ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। हालांकि, छापेमारी दल के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को खदेड़कर पकड़ लिया। इसके बाद गुमटी की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान पुलिस को गुमटी से 960 ग्राम गांजा मिला। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर उसके घर पर भी छापेमारी की गई।
ये भी पढ़ें: हजारीबाग में शव लेकर लौट रही एंबुलेंस पेड़ से टकराई, एक घायल
घर से मिले 16 पैकेट, 21.3 किलो गांजा बरामद
गुमटी से बरामदगी के बाद पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची। यहां तलाशी के दौरान अलग-अलग पैकेट में रखा गांजा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, घर से कुल 16 अलग-अलग पैकेटों में 21.300 किलोग्राम गांजा मिला।
गुमटी से मिले 960 ग्राम गांजे को जोड़ने पर पुलिस ने कुल 22.200 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में रितेश कुमार और पुरुषोत्तम कुमार सिंह के नाम सामने आने की जानकारी दी है। हालांकि, दोनों की भूमिका और मामले से संबंधित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
दो लग्जरी कारों की भी जांच
गांजा बरामदगी के इस मामले में पुलिस ने दो लग्जरी कारों को भी जब्त किया है। पुलिस को आशंका है कि इन वाहनों का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी में किया जा रहा था। अब पुलिस वाहनों के मालिकाना हक और इनके इस्तेमाल से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि गांजा कहां से लाया जाता था और रामगढ़ में इसकी सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: हजारीबाग JPSC लाठीचार्ज पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा हमला, सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
गांजा तस्करी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
एक ही स्थान से 22 किलो से ज्यादा गांजा बरामद होने के बाद पुलिस इस मामले को सिर्फ स्थानीय स्तर पर चल रहे अवैध कारोबार के तौर पर नहीं देख रही है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की मौजूदगी से पुलिस को तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका भी है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा सप्लाई करने वाले लोगों और संभावित खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही मोबाइल फोन, वाहनों और अन्य संभावित सुरागों की भी जांच की जा सकती है।
रामगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से यह भी साफ है कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर पुलिस की निगरानी बढ़ी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने बरामद गांजे को जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ गांजा तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
ये विडिओ भी देखें:


