Monday, October 5, 2026

पलामू : 23 दिनों से लापता रामव्रत का महाराष्ट्र में मिला शव, पाटन थाना का घेराव कर आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

पलामू : जिले के पाटन थाना क्षेत्र के सतहे गांव निवासी 28 वर्षीय रामव्रत भुइयां की तलाश का मामला शनिवार को उस वक्त सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया, जब उसका शव महाराष्ट्र के वीरभूनगर रेलवे स्टेशन से बरामद हुआ। 11 सितंबर से लापता रामव्रत का शव एंबुलेंस से शनिवार सुबह करीब 11 बजे पाटन थाना पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। यह जानकारी पुलिस ने दिया है।

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पुलिस के अनुसार बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने थाना के मुख्य गेट को घेर लिया और सड़क जाम कर मामले की पूरी जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस के समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद थाना गेट से जाम हटाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने लोहिया चौक के पास करीब एक घंटे तक सड़क जाम रखा। पुलिस के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ और पुलिस शव को लेकर गांव पहुंची।

परिजनों के अनुसार, रामव्रत 11 सितंबर की सुबह करीब आठ बजे सतौआ गांव निवासी अखिलेश भुइयां (40) के साथ चेन्नई में काम करने के लिए घर से निकला था। अखिलेश उसे काम के सिलसिले में चेन्नई पहुंचाने की बात कहकर साथ ले गया था। घर से निकलने के बाद रामव्रत से परिजनों का संपर्क टूट गया। कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार की चिंता बढ़ती गई।

रामव्रत के भाई मंगरू भुइयां ने 23 सितंबर 2026 को पाटन थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कांड संख्या 140/26 में उन्होंने चेन्नई पहुंचने की कोई जानकारी नहीं मिलने की बात कही थी और दोनों के अपहरण की आशंका जतायी थी। रामव्रत की पत्नी रूबी देवी और बहन पार्वती देवी ने भी उस समय उसकी हत्या की आशंका व्यक्त की थी। अब 23 दिन बाद दूसरे राज्य में शव मिलने से परिजनों द्वारा पहले जतायी गयी आशंका को लेकर जांच की मांग और तेज हो गई है।

वीरभूनगर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को रामव्रत का शव मिला। उसके पास से रेलवे टिकट बरामद हुआ। टिकट हटिया से चेन्नई के लिए दो लोगों का था। टिकट और शव की तस्वीर जीआरपी ने पलामू पुलिस को भेजी। पुलिस ने तस्वीर परिजनों को दिखायी, जिसके बाद उन्होंने शव की पहचान रामव्रत के रूप में की। इसके बाद पाटन थाना के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर प्रभात किरण को परिजनों के साथ वीरभूनगर भेजा गया। पुलिस टीम शव लेकर पाटन पहुंची। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि रामव्रत महाराष्ट्र के वीरभूनगर रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचा, उसके साथ यात्रा करने वाला दूसरा व्यक्ति कौन था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई?

परिजनों की ओर से पहले ही हत्या की आशंका जताये जाने के कारण मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। ग्रामीणों ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पलामू एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की पहल के बाद पुलिस टीम गठित कर शव को महाराष्ट्र से लाने की कार्रवाई की गयी। ग्रामीणों के अनुसार शव लाने के लिए करीब एक लाख दस हजार रुपये चंदा कर जुटाये गये, जिसके बाद एंबुलेंस से शव पाटन लाया गया। परिजनों ने बताया कि रामव्रत परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था।

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एयर नाऊ स्पेशल

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