नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में सोमवार सुबह करीब 4 बजे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और बिहार ATS की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश करने के उद्देश्य से की जा रही है। छापेमारी के दौरान हर गतिविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जा रही है।
Highlights:
दस्तावेज और हथियारों की बारीकी से जांच
जांच एजेंसियां गन हाउस में रखे हथियारों के नंबर, लाइसेंस और स्टॉक का मिलान कर रही हैं। अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि कहीं अवैध हथियारों की स्पलाई तो नहीं की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस बड़े ऑपरेशन के तहत नालंदा जिले में कुल 6 जगहों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। इनमें लहेरी थाना क्षेत्र का पीके गन हाउस, चीकसौरा थाना क्षेत्र का मिर्जापुर गांन, हिलसा के राममूर्ति नगर और इस्लामपुर थाना क्षेत्र का सकरी गांव शामिल हैं। सभी स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जांच की जा रही है।
सत्येंद्र प्रसाद कनेक्शन की जांच
छापेमारी के दौरान जिन ठिकानों को खंगाला जा रहा है, उनमें से कुछ का संबंध सत्येंद्र प्रसाद नामक व्यक्ति से बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सत्येंद्र प्रसाद पहले से ही आर्म्स एक्ट के एक मामले में जेल में बंद है। जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क और संपर्कों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रभावित इलाकों में आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। मीडिया को भी मौके पर कवरेज की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे ऑपरेशन की गोपनीयता बनी रहे।
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स्थानीय पुलिस को भी सीमित जानकारी
इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी पहले से नहीं दी गई थी। लहेरी थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि उन्हें केवल इतना बताया गया था कि उनके थाने से दो पुलिसकर्मी छापेमारी में शामिल होंगे। इससे ऑपरेशन की गोपनीयता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर करीब 100 पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने सुबह होते ही सभी चिन्हित ठिकानों की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी। NIA और ATS की यह संयुक्त कार्रवाई अवैध हथियारों की सप्लाई चेन और उससे जुड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए की जा रही है। माना जा रहा है कि इस छापेमारी से बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और कई अहम जानकारी सामने आ सकती है।


