रांची: जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर दोमुहानी संगम द्वार के पास ब्रेकडाउन ट्रक को बिना किसी इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के बीच सड़क पर खड़ा छोड़ चार किशोर-किशोरियों की जान लेने के मामले में सोनारी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. यह प्राथमिकी गश्ती दल के सब इंस्पेक्टर अरविन्द कुमार के लिखित आवेदन पर ट्रक संख्या JH02T3971 के अज्ञात चालक के खिलाफ दर्ज हुई है.
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पुलिस ने मामले में सोनारी थाना कांड संख्या 79/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत) और 285 (सार्वजनिक मार्ग पर खतरा पैदा करना) लगाई है. पूरे मामले का अनुसंधान पुअनि शिवम राज को सौंपा गया है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने फरार ट्रक चालक की तलाश तेज कर दी है.
घटना 23-24 सितंबर की दरम्यानी रात की है, जब मूसलाधार बारिश और घने अंधेरे के बीच तेज रफ्तार स्विफ्ट कार बीच सड़क पर खड़ी खराब ट्रक में पीछे से जा घुसी. टक्कर इतनी भयानक थी कि कार का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे समा गया और कार सवार चारों युवक-युवतियों की मौके पर ही मौत हो गई.
प्राथमिकी के अनुसार, 23 सितंबर की रात सोनारी थाने के दारोगा अरविन्द कुमार और हवलदार विजय कुमार महतो मरीन ड्राइव पर रात्रि गश्ती में थे. रात करीब 11 बजे उन्होंने देखा कि दोमुहानी संगम द्वार से 100 मीटर पूरब एक माल लदी ट्रक (JH02T3971) ब्रेकडाउन हालत में मुख्य लेन पर बेतरतीब खड़ी थी. बारिश और अंधेरे को देखते हुए दारोगा ने चालक को सख्त चेतावनी दी थी कि यह तेज रफ्तार वाला मार्ग है. गाड़ी के पीछे रिफ्लेक्टर या टेल लाइट नहीं दिख रही है, इसलिए चारों ब्लिंकर जलाए रखे और आगे-पीछे 100 मीटर की दूरी पर खतरे का संकेत लगाए.
चेतावनी के बावजूद चालक ने न तो ब्लिंकर जलाया और न ही कोई सतर्कता संकेत लगाया. गश्ती दल जब पेट्रोलिंग कर रहा था, तभी रात 2:40 बजे मरीन ड्राइव पर भीषण टक्कर की सूचना मिली. मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने देखा कि स्विफ्ट कार (JH05DF6450) उसी ब्रेकडाउन ट्रक के नीचे फंसी हुई थी. ट्रक का कोई भी इंडिकेटर या टेल लाइट चालू नहीं था. बारिश इतनी तेज थी कि बचाव कार्य चलाना भी मुश्किल हो रहा था. तुरंत पीसीआर और टैंगो मोबाइल की टीमों को मौके पर बुलाया गया.
कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसके चारों दरवाजे लॉक हो गए थे. अंदर दो किशोर और दो युवतियां लहूलुहान हालत में फंसे हुए थे. स्थानीय मिस्त्री की मदद से गैस कटर मंगवाकर कार के गेट काटे गए, लेकिन तब तक चारों की सांसें थम चुकी थीं. सभी को तत्काल एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.


