रांची: झारखंड में डीजीपी नियुक्ति मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद आज गुरूवार को एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर झारखंड सरकार की ओर से पक्ष रखा जाएगा। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ में बुधवार को हुई सुनवाई में झारखंड सरकार की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राज्य में डीजीपी की नियुक्ति के लिए नियम बनाए गए हैं। सरकार ने नियमों में एक बदलाव भी किया है, ताकि महिला IPS अधिकारी को डीजीपी बनने का मौका मिल सके। सरकार ने बताया कि तदाशा मिश्रा डीजीपी रैंक पर प्रमोट होने वाली झारखंड की एकमात्र महिला आईपीएस अधिकारी हैं। सरकार ने नक्सलवाद और अपराध के खिलाफ उनके काम का भी हवाला दिया और इसी आधार पर नियम में बदलाव को सही बताया।
बता दें कि याचिकाकर्ता बाबूलाल मरांडी की ओर से आरोप लगाया गया कि झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति में पहले मनमानी होती रही है। कपिल सिब्बल ने कहा कि एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर राज्य सरकार 24 सितंबर को अपना पक्ष रखेगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट डीजीपी की नियुक्ति को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।


