Ranchi: मंगलवार को टाटीसिल्वे के CNG फिलिंग स्टेशन पर अचानक गैस सिलेंडर फटने और हाइड्रोटेस्ट फेल होने की खबर से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। लेकिन ये कोई हादसा नहीं था। ये GAIL इंडिया लिमिटेड, रांची सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन CGD द्वारा कराई गई एक ऑफ-साइट मॉक ड्रिल थी। इस अभ्यास का मकसद था प्राकृतिक गैस पाइपलाइन से जुड़ी इमरजेंसी से निपटने की तैयारी जांचना और सभी एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन परखना।
Highlights:
25 हजार घरों की सुरक्षा के लिए अभ्यास
GAIL रांची CGD नेटवर्क से रांची शहर के 25 हजार से ज्यादा घरों, 28 CNG स्टेशनों, 200 दुकानों और 16 फैक्ट्रियों को गैस सप्लाई होती है। इसके लिए शहर में 850 KM लंबी MDPE पाइपलाइन बिछी है। इतने बड़े नेटवर्क को सुरक्षित रखने और इमरजेंसी में तुरंत एक्शन लेने के लिए ये ड्रिल की गई। ड्रिल के दौरान गैस लीक, सिलेंडर ब्लास्ट और हाइड्रोटेस्ट फेल जैसी काल्पनिक घटनाओं पर रेस्क्यू ऑपरेशन दिखाया गया।
NDRF से लेकर फायर ब्रिगेड तक जुटी
इस मॉक ड्रिल में NDRF, SDRF, स्वास्थ्य विभाग, जिला पुलिस, फायर ब्रिगेड और जिला प्रशासन की टीमों ने हिस्सा लिया। सभी विभागों ने मिलकर आपात स्थिति में राहत-बचाव की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया। आसपास के लोग और वाहन चालक भी ये ड्रिल देख रहे थे। उन्हें गैस से जुड़ी दुर्घटना के समय क्या सावधानी बरतनी है, इसकी जानकारी दी गई।
खुदाई से पहले कॉल करना जरूरी
CGD रांची के DGM प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि गैस नेटवर्क बहुत संवेदनशील है। इसलिए गैस लीक की स्थिति में क्या करना है, ये सबको पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में पाइपलाइन के ऊपर हर 50 मीटर पर रूट मार्कर लगे हैं। ये मार्कर बताते हैं कि नीचे हाई प्रेशर गैस लाइन है। कोई भी खुदाई शुरू करने से पहले मार्कर पर लिखे नंबर पर सूचना दें या खुदाई ऐप से परमिशन लें।
दुर्घटना से सीखने से बेहतर है पहले से अभ्यास कर लेना – इसी सोच के साथ ये मॉक ड्रिल आयोजित की गई।




