नई दिल्ली: भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों में जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख 29 मई तय की है। विनय चौबे करीब एक वर्ष से जेल में बंद हैं और उन्होंने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 29 मई को निर्धारित की है। विनय चौबे की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जमानत देने की मांग की गई है। वहीं जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया है।
हजारीबाग लैंड स्कैम से जुड़ा है मामला
इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। विनय चौबे जिस मामले में आरोपी हैं, वह हजारीबाग जिले में हुए चर्चित लैंड स्कैम से जुड़ा है।
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इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि जमीन से जुड़े इस घोटाले में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के मामले सामने आए हैं। इस केस में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। ACB इस मामले में लगातार जांच कर रही है और कई दस्तावेजों तथा संपत्तियों की जांच की जा रही है।


