Sunday, April 26, 2026

रांची का जाम बना नवजात के मौत का कारण, मां की गोद में तोड़ा दम

न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार को ट्रैफिक जाम के कारण एक नवजात की जान चली गई. गुरुवार शाम 5 बजे सोनाहातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जन्मी बच्ची की तबीयत बिगड़ गई, जिसे बेहतर इलाज के लिए शनिवार को डायल-108 एंबुलेंस (JH01FL1458) से रिम्स लाया जा रहा था. एंबुलेंस बुंडू से रांची आ रही इसी दौरान वाहन कांटाटोली चौक से सामलौंग के बीच भीषण जाम में फंस गई. कुछ घंटे  की मेहनत के बाद एंबुलेंस चालक नवजात को लेकर रिम्स पहुंचा. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

जाम ने ली मासूम की जान

जानकारी के अनुसार, मां रेणुका अपनी बच्ची को सीने से लगाकर डॉक्टर के पास पहुंची. जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने अफसोस जताते हुए कहा आपने अस्पताल पहुंचने में देर कर दी. इतना सुनते ही मां सदमें में आकर खामोश हो गई और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. वहीं, नवजात के पिता वीणाधर महतो ने कहा कि उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है. सिर्फ इतना चाहता हूं कि जाम की वजह से किसी और की जान न जाए.

हालांकि जाम के दौरान एंबुलेंस चालक पुरेंद्र नाथ महतो ने काफी कोशिश की, जिससे वे जल्द अस्पताल पहुंच सके. लेकिन, जाम और व्यवस्था के कारण वह पूरी तरह से लाचार रह गए. एंबुलेंस में इमरजेंसी मैनेजमेंट टेक्नीशियन स्टाफ यशोदा कुमारी भी थी. वहीं, मां रेणुका अपनी बच्ची को कलेजे से लगाकर बैठी थी. सायरन बजता एंबुलेंस को जाम में फंसा देख आमलोग उसे रास्ता देने का प्रयास कर रहे थे.

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जाम में कोई भी ट्रैफिक पुलिस नहीं थे 

सालूकडीह ईचागढ़ के निवासी वीणाधर महतो की पत्नी रेणुका ने गुरुवार शाम 5 बजे सोनाहातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपनी पहली बच्ची को जन्म दिया था. जिसके बाद नवजात को हाई फीवर और सांस लेने में परेशानी हो रही थी. 2 दिनों तक उपचार करने के बाद डॉक्टरों ने उसे रिम्स रेफर कर दिया. जिसके बाद एंबुलेंस बुंडू से लोआडीह होते हुए मौलाना आजाद चौक के पास पहुंची और जाम में फंस गई.

चालक जल्द अस्पताल पहुंचने का प्रयास करते हुए दूसरी तरफ की खाली सड़क पर चले गए. करीब 200 मीटर आगे पहुंचने के बाद एंबुलेंस पेट्रोल पंप के पास आकर रुक गई, क्योंकि यहां सड़क पर ऑटो और बस के खड़ी थी जिस कारण एंबुलेंस को आगे बढ़ने में काफी मुश्किल हो रही था. वहीं एंबुलेंस को मदद कर रास्ता दिखाने के लिए कोई भी ट्रैफिक पुलिस का जवान चौक पर मौजूद नहीं थे.

पहले कभी नहीं देखा इतना जाम

नवजात के पिता ने कहा कि आज तक कांटाटोली में इतना जाम नहीं देखा था, शायद यह जाम मेरी बच्ची की जान लेने की लिए ही लगा था. रिम्स इमरजेंसी में टोकन कटवाने के लिए गए थे, पर्ची कटवा भी नहीं पाए कि डॉक्टर मैडम ने तुरंत ऑक्सीजन दिया. पेट और गला के पास दबाकर देखा और कहा कि आपलोगों ने बच्ची को लाने में थोड़ी देर कर दी, वरना बच्ची की जान बचाई जा सकती थी. इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े होते है.

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