झारखंड : झारखंड में भारतीय जनता पार्टी को बुधवार को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू को झारखंड भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रदेश चुनाव अधिकारी और केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने बुधवार दोपहर उनके नाम की औपचारिक घोषणा की।
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नामांकन में अकेले उम्मीदवार रहे आदित्य साहू
पार्टी के संगठन पर्व के अंतिम दिन मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया हुई। दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चले नामांकन में इस पद के लिए सिर्फ आदित्य साहू ने ही नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसके बाद उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। भाजपा एक बार फिर अपने उस दावे को मजबूत करती दिखी है कि पार्टी में बूथ स्तर का कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है। आदित्य साहू की राजनीतिक यात्रा इसकी मिसाल मानी जा रही है। उन्होंने वर्ष 1980 में ओरमांझी के कुचू गांव से एक बूथ कार्यकर्ता के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। करीब 46 वर्षों की लंबी राजनीतिक यात्रा के बाद वे आज प्रदेश अध्यक्ष के पद तक पहुंचे हैं।
बाबूलाल मरांडी का लिया स्थान
आदित्य साहू ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर बाबूलाल मरांडी का स्थान लिया है। बाबूलाल मरांडी वर्तमान में झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। इससे पहले 3 अक्टूबर को पार्टी ने आदित्य साहू को झारखंड भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। आदित्य साहू ने संयुक्त बिहार के दौर में भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाशपति मिश्र से लेकर झारखंड के प्रमुख नेताओं कड़िया मुंडा, अर्जुन मुंडा और रघुवर दास के साथ काम किया। राजनीति और संगठन की बारीकियां उन्होंने पूर्व सांसद रामटहल चौधरी से सीखीं। खास बात यह रही कि उन पर कभी किसी गुट का ठप्पा नहीं लगा और वे सभी के प्रिय बने रहे।
संगठन में मजबूत पकड़
वर्तमान में आदित्य साहू राज्यसभा सदस्य भी हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पहचान एक सरल, सहज और अनुशासित नेता के रूप में है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे बिना कठोर शब्दों के भी सौ फीसदी काम निकलवा लेते हैं। पलामू प्रमंडल के प्रभारी के रूप में उनके कार्यकाल को भाजपा के लिए सफल माना जाता है, जहां पार्टी को लगातार मजबूती मिली। इस मौके पर भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के लिए झारखंड से 21 नामों की भी घोषणा की गई। इनमें कड़िया मुंडा, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपाई सोरेन, मधु कोड़ा, संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी, गीता कोड़ा, अमर कुमार बाउरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं।


