धर्म: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। कई लोग मंगलवार को हनुमान मंदिर जाकर पूजा करते हैं, जबकि कुछ लोग घर पर ही बजरंगबली की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। अगर आप भी मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करना चाहते हैं तो कुछ खास नियमों और विधि के साथ पूजा कर सकते हैं।
Highlights:
इसे भी पढ़े: हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी से दिया इस्तीफा, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक पोस्ट
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा के लिए क्या चाहिए?
पूजा के लिए हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति, साफ पानी, लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल, दीपक, धूप, अक्षत, गुड़, चना और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग की सामग्री रख सकते हैं। हनुमान जी को लाल रंग के फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं।
पूजा की सरल विधि
मंगलवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान को साफ करने के बाद हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद दीपक और धूप जलाएं।
सबसे पहले भगवान गणेश और अपने इष्ट देव का स्मरण करें। फिर हनुमान जी को जल अर्पित करें। इसके बाद लाल फूल, अक्षत और सिंदूर चढ़ाएं। मान्यता के अनुसार हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप चाहें तो सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं। पूजा के अंत में हनुमान जी की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें।
मंगलवार को कौन सा मंत्र पढ़ें?
हनुमान जी की पूजा के दौरान आप इस मंत्र का भी जाप – ‘ॐ हनुमते नमः’ भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इस मंत्र का जाप 11, 21 या 108 बार कर सकते हैं। इसके अलावा हनुमान चालीसा का पाठ करना भी मंगलवार की पूजा में विशेष माना जाता है।
हनुमान जी को क्या भोग लगाएं?
मंगलवार की पूजा में हनुमान जी को गुड़ और चना का भोग लगाया जा सकता है। इसके अलावा बूंदी या बूंदी के लड्डू भी कई भक्त प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांट सकते हैं।
पूजा के बाद क्या करें?
पूजा पूरी होने के बाद हनुमान जी की आरती करें और हाथ जोड़कर प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं में कहा जाता है कि पूजा में सबसे जरूरी चीज श्रद्धा और साफ मन है। इसलिए पूजा के दौरान मन को शांत रखें और भगवान का ध्यान करें।


